Pune Murder Case: लोहागढ़ किले पर हुई मौत के मामले में नया मोड़, CCTV फुटेज से सामने आए अहम सुराग

Pune Murder Case: पुणे के चर्चित मौत मामले की जांच में CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों ने खोले कई अहम राज, पुलिस हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही है।

Pune Murder Case:  महाराष्ट्र के पुणे जिले में सामने आए केतन अग्रवाल मौत मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शुरुआत में जिस घटना को एक दुखद हादसा माना गया था, वह अब पुलिस जांच में कथित हत्या की साजिश के रूप में सामने आ रही है। जांच के दौरान मिले CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।

लोहागढ़ किले की ट्रिप कैसे बनी मौत का कारण?

पुलिस के अनुसार 18 जून को केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले पर गए थे। ट्रेकिंग के दौरान केतन गहरी खाई में गिर गए, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटना माना गया, लेकिन बाद में जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पुलिस का शक बढ़ा दिया।

CCTV फुटेज ने बदली जांच की दिशा

मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने किले के प्रवेश द्वार और टिकट काउंटर के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में केतन और सिया के पीछे एक युवक दिखाई दिया, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं। पुलिस का दावा है कि बाद में उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई।

अधिकारियों के अनुसार चेतन लगातार दोनों का पीछा करता दिखाई दिया। यही फुटेज आगे चलकर जांच का सबसे अहम सुराग साबित हुई।

भीषण गर्मी में हुडी पहनने पर बढ़ा शक (Pune Murder Case)

पुलिस ने बताया कि घटना वाले दिन इलाके का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था। इसके बावजूद CCTV में दिखाई दे रहा युवक हुडी पहनकर और चेहरा ढंककर घूम रहा था। इतनी गर्मी में इस तरह खुद को छिपाने की कोशिश ने जांच अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

यहीं से पुलिस को संदेह हुआ कि मामला सामान्य दुर्घटना नहीं हो सकता।

फोन दुकान पर छोड़ने की बात भी आई सामने

जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि घटना वाले दिन चेतन कथित रूप से अपना मोबाइल फोन अपनी दुकान पर छोड़ गया था। इतना ही नहीं, फोन का इंटरनेट कनेक्शन भी बंद बताया गया। पुलिस को शक है कि ऐसा अपनी लोकेशन छिपाने के उद्देश्य से किया गया हो सकता है।

सिया और चेतन के कॉल रिकॉर्ड से क्या पता चला? (Pune Murder Case)

पुलिस जांच में सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच लगातार बातचीत के संकेत मिले। कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में दोनों के बीच बड़ी संख्या में बातचीत सामने आने का दावा किया गया है। इसी आधार पर जांच एजेंसियों ने दोनों के रिश्तों और घटना से पहले की गतिविधियों को खंगालना शुरू किया।

पहले भी हुई थी कथित कोशिश?

जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना से पहले केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले ले जाने की योजना कई बार बनाई गई थी। पुलिस कुछ ऐसे पहलुओं की भी जांच कर रही है जिनमें पहले किसी संभावित कोशिश के संकेत मिलने की बात कही जा रही है। हालांकि इन तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

हादसे की सूचना किसने दी थी?

घटना के बाद सिया गोयल ने ही पुलिस को फोन कर बताया था कि फोटो खींचने के दौरान केतन का संतुलन बिगड़ गया और वह खाई में गिर गए। इसी सूचना के आधार पर पहले दुर्घटना का मामला दर्ज किया गया था।

हालांकि बाद में सामने आए तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों ने जांच को नई दिशा दे दी।

अब तक जांच में सामने आए प्रमुख बिंदु

  • 18 जून को लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत हुई।
  • शुरुआत में घटना को दुर्घटना माना गया था।
  • CCTV फुटेज में चेतन चौधरी संदिग्ध रूप से दिखाई दिया।
  • गर्मी के बावजूद हुडी पहनना पुलिस के लिए शक की वजह बना।
  • कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच की गई।
  • सिया गोयल और चेतन चौधरी से पूछताछ के बाद मामला सुर्खियों में आया।
  • पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।

जांच अभी जारी है

पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल उपलब्ध सबूतों और पूछताछ के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे।

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