Varalakshmi Vrat 2026: सावन माह में आने वाला वरलक्ष्मी व्रत हिंदू धर्म के प्रमुख व्रतों में से एक माना जाता है। इस दिन मां वरलक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर मां लक्ष्मी की कृपा से घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और सौभाग्य बना रहता है।
साल 2026 में वरलक्ष्मी व्रत 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह व्रत सावन महीने के आखिरी शुक्रवार को रखने की परंपरा है। दक्षिण भारत में इस पर्व को विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है।
वरलक्ष्मी व्रत 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त (Varalakshmi Vrat 2026)
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में वरलक्ष्मी व्रत 28 अगस्त को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन स्थिर लग्न में मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में स्थायी सुख और समृद्धि आती है।
पूजा के शुभ समय:
- सिंह लग्न: सुबह 05:57 बजे से 07:29 बजे तक
- वृश्चिक लग्न: दोपहर 12:05 बजे से 02:23 बजे तक
- कुंभ लग्न: शाम 06:09 बजे से 07:37 बजे तक
- वृषभ लग्न: रात 10:37 बजे से 12:33 बजे तक
मां वरलक्ष्मी कौन हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां वरलक्ष्मी देवी महालक्ष्मी का ही एक विशेष स्वरूप हैं। ‘वर’ का अर्थ वरदान होता है, इसलिए मां वरलक्ष्मी को भक्तों की इच्छाएं पूरी करने वाली देवी माना जाता है। इनकी पूजा करने से धन, वैभव और सौभाग्य की प्राप्ति होने की मान्यता है।
वरलक्ष्मी व्रत का क्या है धार्मिक महत्व?
हिंदू धर्म में वरलक्ष्मी व्रत को बेहद फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से परिवार में खुशहाली आती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-शांति के लिए यह व्रत करती हैं।
वरलक्ष्मी व्रत की पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने माता पार्वती को वरलक्ष्मी व्रत का महत्व बताया था। कथा के अनुसार, प्राचीन समय में एक महिला को मां लक्ष्मी ने सपने में दर्शन दिए और सावन महीने के शुक्रवार को व्रत करने का आदेश दिया। महिला ने पूरी श्रद्धा के साथ व्रत और पूजा की, जिसके बाद उसके जीवन में धन, सुख और समृद्धि आई। तभी से इस व्रत को शुभ माना जाने लगा।
वरलक्ष्मी व्रत करने से मिलने वाले लाभ
- घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहने की मान्यता है।
- धन और अन्न-धान्य में वृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
- पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है।
- परिवार में खुशहाली और सौभाग्य बना रहता है।
- आर्थिक परेशानियों से राहत मिलने की मान्यता है।
- मां लक्ष्मी की कृपा से मनोकामनाएं पूरी होने का विश्वास किया जाता है।
वरलक्ष्मी व्रत पूजा में किन बातों का रखें ध्यान?
इस दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थान को स्वच्छ करें। मां लक्ष्मी की प्रतिमा या कलश स्थापित कर पुष्प, फल, नारियल, हल्दी, कुमकुम और प्रसाद अर्पित करें। श्रद्धा और नियम के साथ पूजा करने से शुभ फल मिलने की मान्यता है।
Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों पर पूजा विधि और मुहूर्त में अंतर हो सकता है।
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