Monsoon Home Tips: बारिश का मौसम आते ही जहां मौसम सुहाना हो जाता है, वहीं घरों में कीड़े-मकौड़ों की आवाजाही भी बढ़ जाती है। शाम के समय कमरे की लाइट जलते ही छोटे उड़ने वाले कीड़े खिड़कियों और दरवाजों के रास्ते घर में घुसने लगते हैं। इसके अलावा नमी के कारण मच्छर, कॉकरोच और चींटियां भी ज्यादा दिखाई देने लगती हैं। अगर आपके घर में भी मानसून के दौरान यह परेशानी बढ़ गई है, तो कुछ आसान सावधानियों और घरेलू तरीकों से इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बारिश का पानी घर के आसपास जमा न होने दें
मानसून में मच्छरों की संख्या बढ़ने का एक बड़ा कारण जमा हुआ पानी होता है। घर की छत, बालकनी, गमलों की प्लेट, पुराने डिब्बों और अन्य छोटे-बड़े कंटेनरों में बारिश का पानी जमा न होने दें। कूलर और पानी की टंकी की भी नियमित जांच करते रहें। जहां पानी जमा होने की संभावना हो, वहां सफाई करना जरूरी है। इस छोटी सी सावधानी से मच्छरों के पनपने की संभावना कम की जा सकती है।
खिड़की और दरवाजों पर लगवाएं महीन जाली
अगर रात में लाइट जलाते ही उड़ने वाले कीड़े घर में आने लगते हैं, तो खिड़कियों और दरवाजों पर मच्छर जाली लगाना एक व्यावहारिक उपाय हो सकता है। इससे कमरे में हवा का आना-जाना भी बना रहता है और बाहर के कीड़ों को अंदर आने से रोकने में मदद मिलती है। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल भी मच्छरों से बचाव का एक सरल तरीका है।
घर की नमी और गंदगी पर रखें खास नजर
कॉकरोच और कई अन्य कीड़े अक्सर ऐसी जगहों पर छिपते हैं, जहां नमी और गंदगी मौजूद हो। इसलिए बरसात के दिनों में किचन, बाथरूम, सिंक के आसपास और स्टोर रूम की नियमित सफाई करें। गीले फर्श को ज्यादा देर तक न छोड़ें और खाने की चीजों को खुले में रखने से बचें। कूड़ेदान को समय पर खाली करने के साथ-साथ उसके आसपास की जगह भी साफ रखें।
रात में घर के बाहर किस तरह की लाइट लगाएं?
शाम के समय तेज सफेद रोशनी कई तरह के उड़ने वाले कीड़ों को आकर्षित कर सकती है। ऐसे में घर के मुख्य दरवाजे, बालकनी या बरामदे में अपेक्षाकृत गर्म टोन वाली पीली रोशनी का इस्तेमाल करने पर विचार किया जा सकता है। खासकर उन जगहों पर जहां लाइट के आसपास अक्सर कीड़े जमा होते हैं, रोशनी का विकल्प बदलना कुछ हद तक मददगार हो सकता है।
कपूर और लहसुन जैसे घरेलू उपाय भी आजमा सकते हैं (Monsoon Home Tips)
कुछ लोग घर में कीड़ों की मौजूदगी कम करने के लिए कपूर या लहसुन जैसे घरेलू उपायों का इस्तेमाल करते हैं। कपूर की गंध कई कीड़ों को पसंद नहीं आती, जबकि लहसुन की तेज गंध भी उन्हें कुछ स्थानों से दूर रखने में मदद कर सकती है। हालांकि इन उपायों को किसी पक्के कीट नियंत्रण विकल्प के तौर पर नहीं देखना चाहिए। अगर घर में कीड़ों का प्रकोप बहुत ज्यादा है, तो उचित कीट नियंत्रण उपाय अपनाना बेहतर रहेगा।
खाने-पीने की चीजें खुली न छोड़ें
बारिश के मौसम में रसोई की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बचा हुआ खाना ढककर रखें और मीठी या खाने-पीने की चीजें खुले में न छोड़ें। फर्श पर गिरे भोजन के कणों को तुरंत साफ करें। सिंक और किचन स्लैब को भी इस्तेमाल के बाद साफ रखने से चींटियों और कॉकरोच की आवाजाही को कम करने में मदद मिल सकती है।
शाम के समय शरीर को मच्छरों से बचाकर रखें
यदि आपको बारिश के मौसम में शाम के समय बाहर बैठना पड़ता है, तो शरीर को ज्यादा खुला रखने से बचें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना और जरूरत के अनुसार मच्छर से बचाव वाले उत्पादों का इस्तेमाल करना उपयोगी हो सकता है। बच्चों और संवेदनशील लोगों के लिए किसी भी रिपेलेंट या अन्य उत्पाद का इस्तेमाल करते समय उसके लेबल पर दिए निर्देशों का पालन जरूर करें।
साफ-सफाई और सावधानी से काफी हद तक कम होगी परेशानी
मानसून में कीड़े-मकौड़ों से पूरी तरह बचना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन घर के आसपास पानी जमा न होने देना, खिड़कियों पर जाली लगाना, नमी कम रखना और नियमित सफाई जैसे कदम इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। अगर घर में मच्छरों या कॉकरोच की संख्या लगातार बढ़ रही है, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ कीट नियंत्रण सेवा की मदद लेना अधिक प्रभावी हो सकता है।
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