Major Hamza Arif: राजस्थान के जैसलमेर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। महज एक महीने पहले जिस घर में शादी की खुशियां थीं, वहीं अब मातम पसरा हुआ है। भारतीय सेना के मेजर हमजा आरिफ की सड़क हादसे में मौत हो गई। देश की सेवा में समर्पित इस युवा अधिकारी की असमय मौत ने परिवार के साथ-साथ पूरे इंदौर को गहरे सदमे में डाल दिया है।
नई जिंदगी की शुरुआत के कुछ ही दिनों बाद टूटा परिवार का सपना
मेजर हमजा आरिफ ने कुछ ही सप्ताह पहले विवाह किया था। परिवार नई शुरुआत की खुशियों में डूबा हुआ था और भविष्य के कई सपने संजोए जा रहे थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शादी के लगभग 30 दिन बाद ही उनकी मौत की खबर ने पूरे परिवार की दुनिया बदल दी। अब जिस बेटे के स्वागत की तैयारी हो रही है, वह तिरंगे में लिपटकर अपने घर पहुंचेगा।
इंजीनियरिंग छोड़ देश सेवा को बनाया अपना लक्ष्य (Major Hamza Arif)
इंदौर के धनवंतरी नगर निवासी 30 वर्षीय हमजा आरिफ ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय सेना को अपना करियर चुना। कठिन चयन प्रक्रिया पार कर वह सेना में अधिकारी बने और अपनी मेहनत, अनुशासन तथा नेतृत्व क्षमता के दम पर लगातार पदोन्नति हासिल करते हुए मेजर के पद तक पहुंचे। वर्तमान में उनकी तैनाती राजस्थान के जैसलमेर में थी।
रात के सफर में अचानक सामने आया ऊंट, पलभर में बदल गई पूरी तस्वीर
गुरुवार देर रात ड्यूटी पूरी करने के बाद मेजर हमजा आरिफ अपने दो साथी अधिकारियों के साथ सैन्य स्टेशन लौट रहे थे। रास्ते में अचानक सड़क पर ऊंट आने से वाहन का संतुलन बिगड़ गया। तेज रफ्तार एसयूवी ऊंट से टकराने के बाद कई बार पलटी खाती हुई काफी दूर तक घिसटती चली गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ऊंट की भी मौके पर मौत हो गई।
सेना ने तुरंत पहुंचाया अस्पताल, लेकिन नहीं बच सकी जान
हादसे की सूचना मिलते ही सेना की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और तीनों अधिकारियों को बाहर निकालकर सैन्य अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने मेजर हमजा आरिफ की जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्होंने इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। हादसे में घायल दोनों लेफ्टिनेंट अधिकारियों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इंदौर में पसरा मातम, अंतिम विदाई की तैयारी
मेजर हमजा आरिफ के निधन की सूचना मिलते ही इंदौर स्थित उनके घर पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। कुछ दिन पहले तक जहां शादी की रौनक थी, वहीं अब हर आंख नम है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों ने परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
देश हमेशा याद रखेगा मेजर हमजा आरिफ की सेवा
मेजर हमजा आरिफ ने अपने छोटे से सैन्य जीवन में कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की मिसाल पेश की। उनका निधन सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे देश की अपूरणीय क्षति है। उनकी अंतिम यात्रा पूरे सैन्य सम्मान के साथ होगी और देश हमेशा उनके योगदान तथा सेवा भावना को सम्मान के साथ याद रखेगा।

