Health Alert: ज्यादातर लोग चेहरे को सुंदर बनाने के लिए कई तरह के फेयरनेस क्रीम का इस्तेमाल करते हैं। आज के समय में मार्केट में कई फेयरनेस क्रीम मौजूद है जिसका इस्तेमाल करने से चेहरा जल्दी गोरा हो जाता है लेकिन ऐसे क्रीमों का इस्तेमाल करना शरीर के लिए काफी घाटे का सौदा साबित हो रहा है। चेहरे को खूबसूरत बनाने वाले क्रीम में कई ऐसे प्रोडक्ट मिलाए जाते हैं जिसका इस्तेमाल करने से चेहरे पर कई तरह की समस्याएं आने लगती है और इसका सीधा असर किडनी और लीवर पर भी पड़ता है।
डॉक्टरों के अनुसार सामान्य मॉइश्चराइज़र या नियमित फेस क्रीम से घबराने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि त्वचा शरीर की सुरक्षा परत का काम करती है। हालांकि, जोखिम तब बढ़ जाता है जब लोग बिना चिकित्सकीय सलाह के ऐसी क्रीम का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें पारा (Mercury), हाइड्रोक्विनोन (Hydroquinone) या अन्य हानिकारक तत्व मौजूद हों।
विशेषज्ञ बताते हैं कि इन रसायनों का लगातार उपयोग करने पर इनकी थोड़ी-थोड़ी मात्रा त्वचा के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकती है। इसके बाद ये रक्त प्रवाह के साथ अलग-अलग अंगों तक पहुंचकर नुकसान पहुंचाने लगते हैं। सबसे अधिक असर किडनी और नर्वस सिस्टम पर देखा जाता है, जबकि शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने की प्रक्रिया में लिवर पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसी क्रीम लगाने से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शरीर में पानी जमा होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। समय के साथ ये बदलाव हृदय स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
त्वचा रोग विशेषज्ञों का कहना है कि स्टेरॉयड युक्त क्रीम केवल डॉक्टर की सलाह पर ही इस्तेमाल करनी चाहिए। एक्जिमा या सोरायसिस जैसी बीमारियों में इन्हें सीमित अवधि के लिए दिया जाता है, लेकिन कई लोग इन्हें लंबे समय तक चेहरे पर लगाते रहते हैं, जिससे दुष्प्रभाव का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि कोई क्रीम बहुत कम समय में गोरा बनाने का दावा करती है, उसकी सामग्री स्पष्ट नहीं लिखी गई है या वह बिना लाइसेंस के बिक रही है, तो उसका उपयोग करने से बचना चाहिए। किसी भी स्किन लाइटनिंग या स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल शुरू करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

