Diabetes Prevention: डायबिटीज में छोटी सी लापरवाही भी पड़ सकती है भारी, जानिए क्यों

Diabetes Prevention: बदलती जीवन शैली और खानपान के वजह से आज देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। डायबिटीज एक ऐसी समस्या है जो शुरुआत के दिनों में समझ नहीं आती लेकिन अगर इस पर नियंत्रण नहीं किया जाए तो धीरे-धीरे यह शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती है।

Diabetes Prevention: बदलती जीवन शैली और खानपान के वजह से आज देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। डायबिटीज एक ऐसी समस्या है जो शुरुआत के दिनों में समझ नहीं आती लेकिन अगर इस पर नियंत्रण नहीं किया जाए तो धीरे-धीरे यह शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती है। कई बार तो डायबिटीज के कारण मौत भी हो जाती है।

खानपान पर रखें विशेष ध्यान

डायबिटीज के मरीजों को खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ज्यादा चीनी, मैदा से बनी चीजें, कोल्ड ड्रिंक, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों को अधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन नहीं करना चाहिए बल्कि उन्हें ज्यादातर हरी सब्जियां दाल ओट्स आदि का सेवन करना चाहिए।

रोजाना करें शारीरिक गतिविधि

नियमित व्यायाम शरीर में इंसुलिन के बेहतर उपयोग में मदद करता है। डॉक्टरों के अनुसार रोज कम से कम 30 मिनट पैदल चलना, योग करना या हल्की एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से वजन बढ़ने के साथ शुगर नियंत्रण भी प्रभावित हो सकता है।

समय-समय पर कराएं जरूरी जांच

कई लोग लक्षण न होने पर जांच करवाना जरूरी नहीं समझते, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर परेशानी बढ़ा सकती है। नियमित ब्लड शुगर टेस्ट और HbA1c जांच से बीमारी की वास्तविक स्थिति का पता चलता है और उपचार को सही दिशा देने में मदद मिलती है।

दवाओं में न करें लापरवाही

डायबिटीज की दवाएं और इंसुलिन तभी प्रभावी होते हैं जब उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से लिया जाए। शुगर स्तर सामान्य दिखने पर खुद से दवा बंद करना या डोज बदलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इससे हृदय, किडनी और आंखों से जुड़ी जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।

तनाव और नींद का रखें ख्याल

मानसिक तनाव और पर्याप्त नींद की कमी भी ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद और तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन या गहरी सांस लेने जैसी गतिविधियां फायदेमंद रहती हैं।

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