Dal Mill Scheme: दाल मिल लगाने का मौका, सरकार देगी 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी, जानें आवेदन की पूरी जानकारी

Dal Mill Scheme: बिहार में दाल प्रसंस्करण का कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के तहत नई दाल मिल स्थापित करने के लिए आवेदन मांगे हैं। इस योजना के जरिए पात्र आवेदकों को परियोजना लागत पर आर्थिक सहायता दी जाएगी।

Dal Mill Scheme: महंगाई दिन पर दिन बढ़ती जा रही है जिसको देखते हुए लोग नौकरी के साथ-साथ खुद का बिजनेस भी शुरू करना चाहते हैं। पैसों की कमी के वजह से बहुत सारे लोग खुद का बिजनेस शुरू नहीं कर पाते हैं। आप भी अगर खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं और आपके पास पैसों की कमी है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। बिहार सरकार के द्वारा खुद का बिजनेस स्टार्ट करने के लिए लोन दिया जा रहा है और यह लोन आसान किस्तों पर दिया जा रहा है।

बिहार में दाल प्रसंस्करण का कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के तहत नई दाल मिल स्थापित करने के लिए आवेदन मांगे हैं। इस योजना के जरिए पात्र आवेदकों को परियोजना लागत पर आर्थिक सहायता दी जाएगी।

सरकार की ओर से परियोजना लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 25 लाख रुपये तक अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, वास्तविक अनुदान राशि परियोजना की पात्र लागत के हिसाब से तय होगी। योजना का उद्देश्य बिहार में दलहन के प्रसंस्करण, भंडारण और उसकी वैल्यू बढ़ाने वाली गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

31 अगस्त तक किया जा सकता है आवेदन

इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और पात्र आवेदक 31 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। फिलहाल योजना को बिहार के पटना, नालंदा, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, पूर्णिया, सहरसा, सीतामढ़ी, जहानाबाद और गया जिले में लागू किया गया है।

किन लोगों को मिल सकता है योजना का लाभ?

दाल मिल लगाने के लिए केवल व्यक्तिगत आवेदक ही नहीं, बल्कि किसान उत्पादक संगठन (FPO), सीएलएफ, पैक्स और अन्य पात्र पंजीकृत संस्थाएं भी आवेदन कर सकती हैं। FPO, सीएलएफ और पैक्स के लिए कम से कम दो साल से पंजीकृत और संचालित होना जरूरी है।

अगर कोई व्यक्ति अपने नाम से आवेदन करना चाहता है तो उसकी उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। इसके अलावा परियोजना में आवेदक का अपना न्यूनतम 15 प्रतिशत अंशदान होना जरूरी है। बैंक से ऋण प्राप्त करना भी योजना की पात्रता शर्तों में शामिल है।

25 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता कैसे मिलेगी?

योजना के तहत परियोजना लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 25 लाख रुपये, इनमें से जो भी कम हो, अनुदान के रूप में दिया जाएगा। यह सहायता मुख्य रूप से प्लांट और मशीनरी के साथ भवन, वर्कशेड तथा भंडारण से जुड़ी पात्र अवसंरचना पर मिल सकती है।

ध्यान रखने वाली बात यह है कि जमीन खरीदने, बिजली कनेक्शन, कर्मचारियों के खर्च और दूसरे संचालन संबंधी खर्चों पर इस योजना के तहत अनुदान नहीं मिलेगा। भवन, वर्कशेड और भंडारण अवसंरचना के लिए मिलने वाला अनुदान कुल पात्र अनुदान के अधिकतम 30 प्रतिशत तक सीमित रहेगा।

दाल मिल की क्षमता भी तय की गई है (Dal Mill Scheme)

नई दाल प्रसंस्करण इकाई की न्यूनतम क्षमता 300 किलोग्राम प्रति घंटा रखी गई है। इसके अलावा यूनिट में इस्तेमाल होने वाली मशीनें निर्धारित बीआईएस मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी गतिविधि होने के कारण एफएसएसएआई अनुज्ञप्ति भी जरूरी होगी।

आवेदन करते समय इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत

आवेदन के साथ परियोजना से जुड़ा डीपीआर यानी विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन, बैंक ऋण की स्वीकृति या सहमति पत्र और आधार सहित जरूरी केवाईसी दस्तावेज देने होंगे। यदि आवेदन किसी संस्था की ओर से किया जा रहा है तो संबंधित पंजीकरण प्रमाणपत्र भी जमा करना होगा।

अनुदान मिलने के बाद भी रहेगी जिम्मेदारी

योजना का लाभ मिलने के बाद संबंधित इकाई को कम से कम तीन वर्षों तक संपत्तियों का संचालन और रखरखाव करना होगा। स्वीकृत अनुदान की राशि डीबीटी के जरिए लाभार्थी के बैंक खाते में भेजे जाने का प्रावधान है।

कहां से करें आवेदन?

पात्र आवेदक आवेदन और योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए बिहार कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और बिहार कृषि ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले पात्रता, जरूरी दस्तावेज और परियोजना से जुड़ी शर्तों को ध्यान से जांच लेना बेहतर रहेगा।

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