Ayodhya Ram Mandir CEO: राम मंदिर के पहले CEO जितेंद्र मिश्रा कौन हैं? फाइटर पायलट से एयर मार्शल तक का सफर है खास

Ayodhya Ram Mandir CEO: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने पहली बार CEO की नियुक्ति की है। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी मिली है। जानिए उनकी सैन्य सेवा, ऑपरेशन सिंदूर और राम मंदिर में भूमिका।

Ayodhya Ram Mandir CEO: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राम मंदिर ट्रस्ट ने पहली बार मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति की है। इस अहम जिम्मेदारी के लिए भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को चुना गया है। खास बात यह है कि एयर मार्शल मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

करीब दो महीने तक चली चयन प्रक्रिया के बाद उनके नाम पर मुहर लगी। अब मंदिर की प्रशासनिक और व्यवस्थागत जिम्मेदारियों को व्यवस्थित तरीके से संभालने में CEO की अहम भूमिका होगी।

कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा?

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के अनुभवी अधिकारी रहे हैं। उन्होंने वर्ष 1986 में भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया था। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने फाइटर पायलट और टेस्ट पायलट के तौर पर सेवाएं दीं। उनके पास 3,000 से अधिक घंटे की उड़ान का अनुभव बताया जाता है।

वह नेशनल डिफेंस एकेडमी, पुणे के पूर्व छात्र हैं। करीब 38 वर्षों से अधिक की सैन्य सेवा के बाद वह 30 अप्रैल 2026 को भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए। रिटायरमेंट के कुछ ही महीनों बाद उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी संभाली थी अहम कमान

जितेंद्र मिश्रा का नाम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी चर्चा में आया था। उस समय वह भारतीय वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड की कमान संभाल रहे थे। इस अभियान के दौरान उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही।

सैन्य सेवा में उनके योगदान के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल भी मिल चुका है।

देवरिया से है राम मंदिर के नए CEO का कनेक्शन

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपथपुरा के रहने वाले बताए जाते हैं। उनका संबंध एक मध्यमवर्गीय परिवार से रहा है। उनके पिता लेक्चरर थे। सैन्य क्षेत्र में लंबा अनुभव हासिल करने के बाद अब वह अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश में ही एक अलग तरह की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं।

राम मंदिर में CEO की क्या होगी जिम्मेदारी? (Ayodhya Ram Mandir CEO)

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO का काम मंदिर की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं को प्रभावी तरीके से संचालित करने में महत्वपूर्ण होगा। ट्रस्ट के सचिव के निर्देशों के तहत मंदिर से जुड़ी विभिन्न प्रशासनिक गतिविधियों, व्यवस्थाओं और संचालन से जुड़े कामों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी CEO की होगी।

मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और बड़े स्तर पर होने वाली व्यवस्थाओं को देखते हुए इस पद को काफी अहम माना जा रहा है। प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अधिकारी की नियुक्ति से व्यवस्था में अधिक पेशेवर और व्यवस्थित कामकाज की उम्मीद की जा रही है।

दान और व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवालों के बीच बड़ा फैसला

राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं और दान से संबंधित कुछ मामलों के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे थे। ऐसे में ट्रस्ट की ओर से CEO की नियुक्ति को प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अब देखना होगा कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अपने सैन्य अनुभव और प्रशासनिक क्षमता का इस्तेमाल राम मंदिर की व्यवस्थाओं को किस तरह बेहतर बनाने में करते हैं।

सैन्य सेवा के बाद अब रामलला की सेवा की जिम्मेदारी

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने अपने करियर का बड़ा हिस्सा देश की सुरक्षा में बिताया है। अब सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें अयोध्या के राम मंदिर की जिम्मेदारी मिली है। यानी देश की सीमाओं की सुरक्षा के बाद अब वह रामलला के मंदिर की व्यवस्थाओं को संभालने की भूमिका में नजर आएंगे।

उनकी नियुक्ति इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि वह राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO होंगे। आने वाले समय में मंदिर की बढ़ती गतिविधियों और श्रद्धालुओं की संख्या के बीच उनकी भूमिका पर सभी की नजर रहेगी।

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