Women Health Tips: उम्र बढ़ने के साथ शरीर की जरूरतें भी धीरे-धीरे बदलती हैं। महिलाओं के मामले में यह बदलाव और भी महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि पीरियड्स, हार्मोनल बदलाव, प्रेग्नेंसी और रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी का असर पोषण पर पड़ सकता है। 30 साल की उम्र के आसपास कुछ महिलाओं में कुछ जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी देखने को मिल सकती है।
हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि 30 साल की उम्र पूरी होते ही हर महिला को सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक सप्लीमेंट की जरूरत व्यक्ति की डाइट, जांच रिपोर्ट और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है। इसलिए बिना जरूरत के कोई भी सप्लीमेंट लेना सही नहीं है।
जयपुर स्थित सीके बिरला अस्पताल के डायबिटीज और एंडोक्रिनोलॉजी विभाग से जुड़े डॉक्टर अंकुर गहलोत के मुताबिक, आजकल युवाओं में भी पोषण से जुड़ी कमियां देखने को मिल रही हैं। लेकिन सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल संतुलित भोजन की जगह नहीं किया जाना चाहिए।
1. Vitamin D: शरीर में इसकी कमी को समझना जरूरी
विटामिन डी को अक्सर हड्डियों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन शरीर के लिए इसकी भूमिका इससे कहीं ज्यादा है। भारत में विटामिन डी की कमी काफी आम है। घर या ऑफिस के अंदर ज्यादा समय बिताने वाली महिलाओं में पर्याप्त धूप न मिलने के कारण इसकी कमी हो सकती है।
रोज कुछ समय बाहर निकलना और सुबह की हल्की धूप लेना मददगार हो सकता है। लेकिन अगर शरीर में विटामिन डी का स्तर कम है, तो डॉक्टर जांच रिपोर्ट के आधार पर सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं। खुद से इसकी हाई डोज लेना सही नहीं माना जाता।
2. Vitamin B12: शाकाहारी महिलाओं को रहना चाहिए सतर्क
विटामिन B12 शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है। खासतौर पर पूरी तरह शाकाहारी डाइट लेने वाली महिलाओं को अपने B12 सेवन पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इसके प्राकृतिक स्रोतों में कई पशु-आधारित खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं।
अगर भोजन से पर्याप्त B12 नहीं मिल रहा है या जांच में इसकी कमी सामने आती है, तो डॉक्टर जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं। इसलिए बिना वजह रोजाना B12 की गोलियां शुरू करने के बजाय पहले अपनी जरूरत समझना बेहतर है।
3. Iron: ज्यादा ब्लीडिंग वाली महिलाओं के लिए हो सकता है महत्वपूर्ण
पीरियड्स के दौरान होने वाला रक्तस्राव महिलाओं के शरीर में आयरन की जरूरत को प्रभावित कर सकता है। जिन महिलाओं को मासिक धर्म में सामान्य से काफी ज्यादा ब्लीडिंग होती है, उनमें आयरन की कमी का जोखिम बढ़ सकता है।
ऐसी स्थिति में थकान या कमजोरी को केवल सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर जांच कराने के बाद आयरन सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं। लेकिन हर महिला को बिना जांच के आयरन लेना जरूरी नहीं है।
4. Calcium: सिर्फ दूध पीना ही पर्याप्त है या नहीं?
कैल्शियम हड्डियों और शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण है। अगर किसी महिला की डाइट में कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच रहा है, तो उसकी पोषण संबंधी जरूरतों पर विशेष ध्यान देना पड़ सकता है।
कुछ महिलाओं के लिए भोजन से कैल्शियम की जरूरत पूरी हो जाती है, जबकि कुछ मामलों में डॉक्टर सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं। इसलिए कैल्शियम की गोली सिर्फ उम्र देखकर शुरू करने के बजाय अपनी डाइट और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।
5. Folic Acid: प्रेग्नेंसी प्लान कर रही महिलाओं के लिए खास महत्व (Women Health Tips)
जो महिलाएं गर्भधारण की योजना बना रही हैं या जिनके गर्भवती होने की संभावना है, उनके लिए फोलिक एसिड एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। गर्भावस्था के शुरुआती समय में पर्याप्त फोलेट शिशु के न्यूरल ट्यूब से जुड़े कुछ जन्मजात दोषों के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

