Bhagat Singh: भगत सिंह की जन्मभूमि पर पाकिस्तान में बनेगा स्मारक, पुश्तैनी घर को भी सवारेगा प्रशासन

Bhagat Singh: पाकिस्तान में भगत सिंह की जन्मभूमि बंगा में स्मारक बनाने की तैयारी है। प्रशासन भगत सिंह के पुश्तैनी घर और उनसे जुड़ी ऐतिहासिक विरासत को भी संवारने की योजना पर काम कर रहा है।

Bhagat Singh: शहीद भगत सिंह की विरासत से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। पाकिस्तान के फैसलाबाद में शहीद के भगत सिंह के जन्मस्थली बंगा गांव में प्रशासन स्मारक बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही साथ भगत सिंह से जुड़े पुश्तैनी घर को भी संरक्षित और बेहतर बनाया जाएगा।

बंगा गांव में जन्मे थे भगत सिंह

भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को तत्कालीन लायलपुर जिले के बंगा गांव में हुआ था। आज यह इलाका पाकिस्तान के फैसलाबाद जिले में आता है। शहीद भगत सिंह ने अपना शुरुआती जीवन इसी गांव में बिताया था। 23 साल की उम्र में उन्हें ब्रिटिश शासन के द्वारा फांसी की सजा दी गई थी। आज सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी शहीद भगत सिंह का सम्मान किया जाता है और उनके क्रांतिकारी विचारों का सम्मान किया जाता है।

पुश्तैनी घर के पास स्मारक की योजना

पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, फैसलाबाद के जिला प्रशासन ने भगत सिंह की विरासत को संरक्षित करने के लिए उनके गांव में स्मारक बनाने की योजना पर विचार किया है। प्रशासन की ओर से भगत सिंह के पुश्तैनी घर को भी सुधारने का काम किया गया है।प्रस्तावित स्मारक के जरिए भगत सिंह के इस क्षेत्र से संबंध और स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका को सामने लाने की योजना है। इसका एक उद्देश्य नई पीढ़ी को उनके इतिहास से परिचित कराना भी बताया गया है।

भगत सिंह फाउंडेशन ने किया स्वागत (Bhagat Singh)

लाहौर स्थित भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन ने फैसलाबाद प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। फाउंडेशन के चेयरमैन इम्तियाज रशीद कुरैशी ने भगत सिंह को भारत और पाकिस्तान दोनों की साझा ऐतिहासिक विरासत से जोड़कर देखने की बात कही।

उनका कहना है कि भगत सिंह ने आजादी के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपने विचारों के लिए जीवन का बलिदान दिया। फाउंडेशन के मुताबिक, बंगा में बनने वाला स्मारक भगत सिंह से जुड़ी ऐतिहासिक जगहों को संरक्षित करने की दिशा में एक और कदम हो सकता है।

लाहौर में भी भगत सिंह से जुड़ी जगहें

भगत सिंह की विरासत से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जगहें आज भी लाहौर में मौजूद हैं। साल 2024 में लाहौर के पूंछ हाउस में भगत सिंह से संबंधित गैलरी शुरू की गई थी। इसमें उनके जीवन से जुड़ी तस्वीरें, पत्र और दूसरे दस्तावेज प्रदर्शित किए गए हैं।लाहौर षड्यंत्र मामले में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के खिलाफ चली कानूनी कार्रवाई का संबंध भी इसी शहर से रहा था।

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