Ayushman Card: केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जरूरतमंद परिवारों को इलाज के खर्च से राहत देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। लेकिन सरकारी योजनाओं का फायदा उठाने की जल्दबाजी में कई बार लोग ठगों के जाल में फंस सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति आपको आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर फोन करता है और बदले में पैसे मांगता है, तो सतर्क हो जाएं। किसी अनजान व्यक्ति को भुगतान करने से पहले उसकी पहचान और दावे की जांच जरूर करें।
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए पैसे मांगे तो क्या करें?
आयुष्मान कार्ड बनाने की आधिकारिक प्रक्रिया में लाभार्थी से कार्ड बनवाने के लिए शुल्क नहीं लिया जाता। ऐसे में अगर कोई एजेंट या अनजान व्यक्ति कार्ड बनवाने के बदले पैसे मांगता है, तो उसके झांसे में न आएं। पैसे देने से पहले संबंधित आधिकारिक माध्यम से जानकारी प्राप्त करें।
अगर कोई व्यक्ति कार्ड बनवाने के लिए जल्द भुगतान करने का दबाव बनाता है, तो उसके कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय विवरण भी साझा न करें।
इन आधिकारिक माध्यमों से बनवा सकते हैं कार्ड (Ayushman Card)
अगर आप आयुष्मान कार्ड बनवाना चाहते हैं, तो इसके लिए सरकारी पोर्टल और आधिकारिक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। पात्रता की जांच और कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के लाभार्थी पोर्टल पर जाएं।
आयुष्मान कार्ड से संबंधित जानकारी के लिए ये माध्यम उपयोगी हैं:
- लाभार्थी पोर्टल: beneficiary.nha.gov.in
- आयुष्मान ऐप: आधिकारिक ऐप के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं का इस्तेमाल करें।
- सहायता केंद्र: योजना से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें।
ध्यान रखें कि कार्ड बनवाने से पहले अपनी पात्रता की जांच करना जरूरी है। केवल आवेदन करने से योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित नहीं होता।
धोखाधड़ी होने पर कहां करें शिकायत?
अगर कोई व्यक्ति आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर पैसे मांगता है या योजना का लाभ दिलाने का झांसा देता है, तो आप संबंधित सरकारी शिकायत माध्यम पर इसकी जानकारी दे सकते हैं।
शिकायत करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध संपर्क विवरण और शिकायत संबंधी विकल्पों का इस्तेमाल करें। हेल्पलाइन नंबर की पुष्टि भी आधिकारिक वेबसाइट से कर लें, ताकि गलत नंबर पर संपर्क करने से बच सकें।
अगर आप पहले ही किसी ठग को पैसे दे चुके हैं और मामला ऑनलाइन भुगतान या साइबर धोखाधड़ी का है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। साइबर अपराध की शिकायत आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी की जा सकती है।
शिकायत करते समय फोन नंबर, भुगतान का रिकॉर्ड, संदेश और अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखें।
आयुष्मान योजना में कितना मिलता है इलाज का लाभ?
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती से जुड़े निर्धारित उपचार के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। इसके तहत पात्र लाभार्थी योजना के नियमों के अनुसार कैशलेस इलाज करा सकते हैं।
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