Wheat Farming: रबी सीजन में गेहूं की खेती करने जा रहे किसानों के लिए बुआई से पहले एक जरूरी काम करना फसल की सफलता में मददगार साबित हो सकता है। अक्सर किसान खेत की तैयारी, खाद और सिंचाई पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन जिस बीज से फसल तैयार होनी है, उसकी गुणवत्ता जांचना भूल जाते हैं। नतीजा यह होता है कि खेत में अपेक्षित संख्या में पौधे नहीं उग पाते और उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी फसल के लिए ऐसे बीज का चयन करना जरूरी है, जिसकी अंकुरण क्षमता कम से कम 85 प्रतिशत हो। इससे खेत में पौधों की उचित संख्या बनाए रखने में मदद मिलती है।
किसान संगोष्ठी में बताया गया बीज जांचने का तरीका
हरियाणा के पलवल जिले के गांव खटैला में किसान कल्याण मंच की ओर से आयोजित संगोष्ठी में कृषि विशेषज्ञ डॉ. महावीर सिंह मलिक ने किसानों को बीज की गुणवत्ता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान बिना किसी विशेष उपकरण के अपने खेत में ही बीज की अंकुरण क्षमता का परीक्षण कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कई बार किसान अच्छी खाद और पर्याप्त सिंचाई के बावजूद बेहतर उत्पादन हासिल नहीं कर पाते। इसकी एक वजह खराब गुणवत्ता वाला बीज भी हो सकता है। इसलिए बुआई से पहले बीज की जांच करना जरूरी है।
एक मीटर की क्यारी से पता चल जाएगी बीज की क्षमता (Wheat Farming)
बीज की गुणवत्ता जांचने के लिए किसान एक आसान तरीका अपना सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले एक मीटर लंबी और 30 सेंटीमीटर चौड़ी क्यारी तैयार करनी होगी।
इसके बाद इसमें 100-100 बीज की तीन कतारें बनाकर बोएं। इन कतारों के बीच करीब 10 सेंटीमीटर की दूरी रखें। बीज बोने के बाद ऊपर से भुरभुरी मिट्टी डालें और हल्का पानी दें। ध्यान रखें कि क्यारी में पर्याप्त नमी बनी रहे।
100 में से इतने बीज उगें तो समझें गुणवत्ता अच्छी
बीज बोने के बाद पांच से सात दिनों तक इंतजार करें। इसके बाद तीनों कतारों में निकले पौधों की गिनती करें। अगर औसतन 100 में से 85 से 90 बीज अंकुरित होते हैं तो बीज की गुणवत्ता अच्छी मानी जाती है।
कृषि विशेषज्ञ के मुताबिक, 85 प्रतिशत से अधिक अंकुरण क्षमता वाला बीज गेहूं की बुआई के लिए बेहतर विकल्प है। वहीं, कम अंकुरण होने पर किसान को बीज की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए, ताकि खेत में पौधों की संख्या कम न रह जाए।
पुराने बीज का इस्तेमाल करने से पहले भी करें जांच
कई बार किसानों को बाजार या विश्वसनीय संस्थाओं से जरूरत के अनुसार प्रमाणित बीज नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति में वे अपने खेत में तैयार किए गए बीज का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
विशेषज्ञ ने बताया कि आधार या प्रमाणित बीज से तैयार बीज को दो से तीन साल तक बुआई में उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, ऐसा करने से पहले बीज की सफाई, छंटाई और अंकुरण क्षमता की जांच करना जरूरी है।
गेहूं के साथ जौ और सरसों की खेती पर भी हुई चर्चा
किसान संगोष्ठी में केवल गेहूं ही नहीं, बल्कि जौ और सरसों की बेहतर पैदावार से जुड़े विषयों पर भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रगतिशील किसान पूरणलाल ने की और संचालन महेंद्र सिंह ने किया। इस दौरान सुरेंद्र, जसवीर, वीरपाल, संजय, राजवीर, जयदेव, प्रताप, धर्मसिंह, महेश और भारत समेत कई किसान मौजूद रहे।

