Hariyali Teej: सावन में आने वाला हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए खास महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं, सोलह श्रृंगार करती हैं और भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा करती हैं। मान्यता है कि तीज के दिन माता पार्वती की श्रद्धा से पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य की कामना की जाती है।
अगर आप भी इस बार हरियाली तीज पर माता पार्वती की पूजा करने वाली हैं, तो पूजा की थाली में मेहंदी जरूर रख सकती हैं। सुहाग से जुड़ी इस चीज को देवी को अर्पित करना कई जगहों की परंपरा का हिस्सा है।
माता पार्वती को मेहंदी चढ़ाने की क्या है मान्यता?
मेहंदी को भारतीय परंपरा में सुहाग और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। हरियाली तीज का संबंध माता पार्वती और भगवान शिव के दांपत्य जीवन से जोड़ा जाता है। ऐसे में इस दिन देवी को मेहंदी अर्पित करने की परंपरा का भी विशेष महत्व बताया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। शिव-पार्वती की इसी कथा से हरियाली तीज की कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। महिलाएं इस दिन माता पार्वती की पूजा करके अपने वैवाहिक जीवन में प्रेम, सुख और स्थिरता की प्रार्थना करती हैं।
पूजा की थाली में ये चीजें भी रखें (Hariyali Teej)
हरियाली तीज पर माता पार्वती को मेहंदी के अलावा सुहाग से जुड़ी दूसरी वस्तुएं भी अर्पित की जा सकती हैं। इनमें हरी चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, चुनरी, कुमकुम और फूल शामिल हैं।
कई घरों में तीज के अवसर पर मायके से बेटी के लिए सुहाग का सामान और मिठाई भेजने की भी परंपरा है। इसी वजह से हरियाली तीज को महिलाओं के श्रृंगार और सुहाग से जोड़कर देखा जाता है।
कैसे करें माता पार्वती की पूजा?
हरियाली तीज के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा की जगह को साफ करके भगवान शिव और माता पार्वती की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।
दीपक जलाने के बाद भगवान गणेश का स्मरण करें। इसके बाद शिव-पार्वती को फूल, फल और अन्य पूजा सामग्री अर्पित करें। माता पार्वती को मेहंदी और सुहाग की सामग्री चढ़ाएं। पूजा के दौरान अपने परिवार की खुशहाली और दांपत्य जीवन के लिए प्रार्थना करें।
इसके बाद तीज की कथा पढ़ या सुन सकती हैं और अंत में शिव-पार्वती की आरती करें।
क्यों खास है हरियाली तीज?
हरियाली तीज सिर्फ व्रत का दिन नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए आस्था और उत्सव से जुड़ा पर्व भी है। इस दिन झूले पड़ते हैं, महिलाएं लोकगीत गाती हैं और हाथों में मेहंदी लगाकर त्योहार की खुशी मनाती हैं।
धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं और इनका संबंध आस्था एवं परंपरा से है।

