
सरकारी सूत्रों के अनुसार फिलहाल 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन सरकार ने यह संकेत जरूर दिया है कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए समय आने पर उचित फैसला लिया जाएगा। इससे यह साफ है कि आने वाले समय में वेतन ढांचे में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या होता है वेतन आयोग? (8th Pay Commission)
वेतन आयोग केंद्र सरकार द्वारा गठित एक समिति होती है जो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी संरचना, भत्तों और पेंशन से जुड़ी सिफारिशें करती है। अब तक देश में सात वेतन आयोग लागू हो चुके हैं और हर आयोग के बाद कर्मचारियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। 7वां वेतन आयोग वर्ष 2016 में लागू हुआ था।
कर्मचारियों को क्यों है 8वें वेतन आयोग का इंतजार?
महंगाई लगातार बढ़ रही है और जीवनयापन की लागत भी पहले से अधिक हो गई है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों का मानना है कि नई वेतन संरचना लागू होने से उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। खासतौर पर फिटमेंट फैक्टर और बेसिक सैलरी में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है।
सरकार का रुख क्या कहता है?
सरकार ने संसद में दिए गए एक जवाब में स्पष्ट किया है कि अभी 8वें वेतन आयोग के गठन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि, कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी। इस बयान को कर्मचारी संगठनों ने सकारात्मक संकेत के रूप में लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 8वां वेतन आयोग लागू होता है तो न केवल वेतन बल्कि महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता और पेंशन में भी बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल कर्मचारियों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन सरकार की ताजा टिप्पणी ने उम्मीदों को जरूर जिंदा रखा है।