
Indian Railway rules: ट्रेन से लंबी दूरी का सफर करते समय ज्यादातर यात्री घर का बना खाना साथ ले जाना पसंद करते हैं।स्वाद और सेहत के लिहाज से यह सही भी लगता है, लेकिन कई बार यही आदत आपके लिए परेशानी का कारण बन सकती है।अगर आपने रेलवे नियमों और सफाई का ध्यान नहीं रखा, तो जुर्माने तक की नौबत आ सकती है।
क्यों बन सकता है घर का खाना समस्या? (Indian Railway rules)
भारतीय रेलवे में रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं।
ऐसे में ट्रेन के अंदर साफ-सफाई और अनुशासन बनाए रखना जरूरी होता है।अगर घर से लाया गया खाना ठीक से पैक न हो, जल्दी खराब हो जाए या उससे तेज गंध आए, तो यह अन्य यात्रियों के लिए असुविधा पैदा कर सकता है।
तेज गंध वाला खाना न बने आफत
पराठा, लहसुन-प्याज वाली सब्जी, मछली या मसालेदार भोजन से तेज गंध फैल सकती है।अगर सहयात्री को परेशानी होती है और वह शिकायत करता है,तो टीटीई आपको सतर्क कर सकता है। कुछ मामलों में विवाद की स्थिति भी बन सकती है।
गलत पैकिंग से बढ़ती है मुश्किल
खाना अगर ठीक से पैक न किया जाए तो उसके गिरने या फैलने का खतरा रहता है।इससे सीट और ट्रेन का फर्श गंदा हो सकता है।रेलवे नियमों के अनुसार ट्रेन में गंदगी फैलाना दंडनीय अपराध है,जिस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
सुरक्षा नियमों का रखें ध्यान
कुछ यात्री खाना गर्म करने के लिए अवैध तरीकों का इस्तेमाल करते हैं,जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है।ट्रेन में ज्वलनशील वस्तुएं या जोखिम भरा सामान ले जाना प्रतिबंधित है।
क्या करें ताकि न हो परेशानी?
- खाना हमेशा एयरटाइट डिब्बों में पैक करें
- तेज गंध और जल्दी खराब होने वाले भोजन से बचें
- ट्रेन और आसपास की सफाई का ध्यान रखें
- बचा हुआ खाना इधर-उधर न फेंकें
- रेलवे की खानपान सेवाओं का विकल्प रखें
ट्रेन यात्रा में घर का बना खाना ले जाना गलत नहीं है,
लेकिन लापरवाही आपको परेशानी में डाल सकती है।
थोड़ी सी समझदारी और नियमों का पालन करके आप अपना सफर आरामदायक और सुरक्षित बना सकते हैं।
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