
Ration Card new rule: सरकार की तरफ से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले मुफ्त राशन को लेकर नए नियम लागू कर दिए गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर उन लाखों राशन कार्ड धारकों पर पड़ेगा जो अब तक हर महीने फ्री में गेहूं और चावल का लाभ उठा रहे थे। नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य केवल जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक ही सरकारी अनाज पहुंचाना है, ताकि योजना का दुरुपयोग रोका जा सके और पारदर्शिता बढ़े।
ताजा नियमों के अनुसार अब ऐसे लोग मुफ्त राशन के हकदार नहीं होंगे जिनकी आय निर्धारित सीमा से अधिक है या जिनके पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, एसी, या पक्के बड़े मकान जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इसके अलावा आयकर दाता, सरकारी नौकरी करने वाले व्यक्ति, या परिवार में किसी सदस्य के पास स्थायी सरकारी पद होने पर भी फ्री राशन की सुविधा बंद की जा सकती है। सरकार ने साफ किया है कि योजना का लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को ही मिलेगा।
Ration Card new rule: राशन के नियमों में हुआ बदलाव
नई गाइडलाइन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन परिवारों की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में तय सीमा से ज्यादा है या शहरी इलाकों में उच्च आय वर्ग में आते हैं, उन्हें राशन कार्ड सूची से बाहर किया जा सकता है। साथ ही यदि किसी परिवार के पास 100 वर्ग मीटर से अधिक का प्लॉट या व्यावसायिक संपत्ति है, तो भी जांच के बाद उनका नाम हटाया जा सकता है। यह कदम फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर सिस्टम को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
राशन कार्ड धारकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी आय, संपत्ति और पारिवारिक विवरण समय पर अपडेट कराते रहें। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर लाभ लेता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है और जुर्माना तक लग सकता है। वहीं वास्तविक जरूरतमंदों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनका राशन जारी रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और सही लोगों तक सहायता पहुंचेगी। इसलिए हर राशन कार्ड धारक को चाहिए कि वह अपने दस्तावेज सही रखे और स्थानीय राशन कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल पर स्थिति जांचता रहे, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
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