UPI : यूपीआई इस्तेमाल करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। यूपीआई के द्वारा दो नए फीचर पेश किए गए हैं जिसके माध्यम से आप काफी आसानी से पेमेंट कर पाएंगे। इनमें UPI Tap and Pay और MyUPI शामिल हैं।
यूपीआई के नए फीचर्स का मुख्य उद्देश्य यूपीआई पेमेंट को और भी आसान बनाना है। इसके साथ ही साथ फ्रॉड की घटनाओं को रोकना है। अब बिना इंटरनेट के भी आसानी से आप यूपीआई पेमेंट कर पाएंगे इसके साथ ही साथ यूपीआई एप खोले बिना भी आप पेमेंट कर पाएंगे।
फोन को POS मशीन पर टैप करके होगा पेमेंट
नए Tap and Pay फीचर का इस्तेमाल करने के लिए स्मार्टफोन में NFC सपोर्ट होना जरूरी है। भुगतान के दौरान यूजर को फोन अनलॉक करके NFC सपोर्ट वाले POS टर्मिनल के पास टैप करना होगा। इसके बाद ट्रांजैक्शन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इस फीचर की खासियत यह है कि भुगतान करने वाले फोन में मोबाइल डेटा उपलब्ध न होने पर भी ट्रांजैक्शन किया जा सकता है। हालांकि, इसे पूरी तरह इंटरनेट-फ्री UPI पेमेंट समझना सही नहीं होगा। भुगतान पूरा करने के लिए POS मशीन का इंटरनेट से कनेक्ट होना जरूरी रहेगा।
₹5,000 तक के भुगतान में नहीं लगेगा UPI PIN
Tap and Pay में छोटी रकम के भुगतान को भी आसान बनाने की कोशिश की गई है। ₹5,000 तक के योग्य ट्रांजैक्शन बिना UPI PIN के किए जा सकेंगे। इससे रोजमर्रा की छोटी खरीदारी के दौरान बार-बार PIN डालने की जरूरत कम हो सकती है।
अगर भुगतान की रकम ₹5,000 से अधिक है, तो UPI PIN डालना आवश्यक होगा। यह सुविधा UPI से जुड़े कुछ अन्य भुगतान माध्यमों, जिनमें UPI से लिंक RuPay क्रेडिट कार्ड भी शामिल हैं, के लिए भी उपलब्ध हो सकती है।
MyUPI क्या है और इससे क्या फायदा होगा?
NPCI ने Tap and Pay के साथ MyUPI भी पेश किया है। यह AI आधारित कस्टमर सपोर्ट प्लेटफॉर्म है, जिसे NPCI के FiMI Small Language Model पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य UPI से संबंधित अलग-अलग जानकारी और सहायता विकल्पों को एक ही जगह उपलब्ध कराना है।
उदाहरण के लिए, यूजर अपने UPI ट्रांजैक्शन और AutoPay Mandate से जुड़ी जानकारी आसानी से देख सकेगा। इससे अलग-अलग बैंकिंग ऐप या UPI ऐप में जानकारी तलाशने की जरूरत कम हो सकती है।
UPI पेमेंट से पहले मिलेगी ज्यादा जानकारी
MyUPI का इस्तेमाल केवल ट्रांजैक्शन हिस्ट्री देखने तक सीमित नहीं रहेगा। भुगतान से पहले बेनेफिशियरी से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया गया है। इससे पैसे भेजने से पहले यूजर को सामने वाले भुगतान प्राप्तकर्ता की जानकारी जांचने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा योग्य मामलों में ऑटोमेटेड चार्जबैक प्रोसेसिंग और पुराने ट्रांजैक्शन को दोबारा करने के लिए ट्रांजैक्शन रिप्ले जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं।

