VDA Wage Hike 2026: त्योहारी सीजन के बीच मजदूरी पर काम करने वाले लोगों के लिए काम की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने अलग-अलग श्रेणी और क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी से जुड़ी दरों में संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत मजदूरों को उनके काम की कुशलता और क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग न्यूनतम भुगतान मिलेगा।
संशोधित दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू मानी गई हैं। इसका असर खास तौर पर निर्माण, रखरखाव और कृषि जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों पर पड़ेगा। महंगाई को ध्यान में रखते हुए मजदूरी में यह बदलाव किया गया है, ताकि बढ़ती कीमतों का असर श्रमिकों की आमदनी पर कुछ हद तक कम किया जा सके।
महंगाई बढ़ी तो मजदूरी में भी हुआ बदलाव
न्यूनतम मजदूरी में बदलाव के पीछे महंगाई से जुड़े आंकड़ों को आधार बनाया गया है। श्रम विभाग के तहत श्रम ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में जून 2026 तक बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी बदलाव के आधार पर महंगाई भत्ते यानी VDA में संशोधन किया गया।
VDA का मकसद यह है कि महंगाई बढ़ने के साथ मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी में भी जरूरी बदलाव किया जा सके। इसी व्यवस्था के तहत समय-समय पर मजदूरी की दरों की समीक्षा की जाती है।
अनस्किल्ड मजदूरों के लिए नई दर कितनी हुई? (VDA Wage Hike 2026)
संशोधन के बाद अनस्किल्ड श्रमिकों के लिए एरिया ए में न्यूनतम मजदूरी ₹840 प्रतिदिन रखी गई है। एरिया बी में यह रकम ₹704 और एरिया सी में ₹565 प्रतिदिन है। यानी एक ही तरह का काम करने वाले मजदूर की न्यूनतम मजदूरी उसके क्षेत्र के आधार पर अलग हो सकती है।
सेमी-स्किल्ड और क्लेरिकल कर्मचारियों को कितना मिलेगा?
सेमी-स्किल्ड और क्लेरिकल श्रेणी में आने वाले कर्मचारियों के लिए भी नई दरें तय की गई हैं। एरिया ए में इन्हें ₹933 प्रतिदिन, एरिया बी में ₹794 और एरिया सी में ₹661 प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी मिलेगी।
स्किल्ड और हाईली स्किल्ड श्रमिकों की दर भी बदली
स्किल्ड श्रमिकों के लिए एरिया ए की न्यूनतम दर ₹1,024 प्रतिदिन है। एरिया बी में यह ₹933 और एरिया सी में ₹794 प्रतिदिन है।
वहीं हाईली स्किल्ड श्रमिकों के लिए सबसे ऊंची दर रखी गई है। एरिया ए में ऐसे कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी ₹1,111 प्रतिदिन, एरिया बी में ₹1,024 और एरिया सी में ₹933 प्रतिदिन है।
कंस्ट्रक्शन सेक्टर में काम करने वालों को भी फायदा
नई दरों का असर निर्माण और रखरखाव से जुड़े कामों में लगे श्रमिकों पर भी पड़ेगा। सड़क, भवन, रनवे, बिजली या टेलीफोन केबल, पानी की सप्लाई लाइन और सीवरेज पाइपलाइन से जुड़े काम इसके दायरे में आते हैं। इन कामों में मजदूर की कुशलता के आधार पर न्यूनतम भुगतान तय किया जाएगा।
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