UPSC Success Story: क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के मामा बने IPS, बिना कोचिंग हासिल की 102वीं रैंक

UPSC Success Story
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UPSC Success Story: बिहार के समस्तीपुर जिले के लिए गर्व की खबर सामने आई है। जिले के राजाजान पंचायत निवासी अभिषेक चौहान ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में 102वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में स्थान प्राप्त किया है।उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। परिवार, रिश्तेदार और गांव के लोग अभिषेक की सफलता को लेकर बेहद उत्साहित हैं।

खास बात यह है कि अभिषेक चौहान ने इस कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया।उन्होंने पूरी तरह से सेल्फ स्टडी के भरोसे तैयारी की और अपने लक्ष्य को हासिल किया।
आज उनकी सफलता हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

IIT धनबाद से गोल्ड मेडलिस्ट रह चुके हैं अभिषेक (UPSC Success Story)

अभिषेक चौहान पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने IIT (ISM) धनबाद से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और वहां गोल्ड मेडल हासिल किया। इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का सपना देखा और उसी दिशा में मेहनत शुरू कर दी। मजबूत रणनीति, अनुशासन और लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने UPSC जैसे कठिन परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की।

सेल्फ स्टडी और अनुशासन बना सफलता का मंत्र

अभिषेक का मानना है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और तैयारी ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है।उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद किताबों, ऑनलाइन सामग्री और नियमित अभ्यास के जरिए अपनी तैयारी को मजबूत बनाया। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि UPSC जैसी परीक्षा में सफलता के लिए केवल कोचिंग ही जरूरी नहीं, बल्कि सही रणनीति और समर्पण ज्यादा महत्वपूर्ण है।

परिवार और गांव में जश्न का माहौल

अभिषेक चौहान की इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी की लहर है।लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनकी सफलता को जिले के लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं।बताया जा रहा है कि अभिषेक का रिश्ता वैभव सूर्यवंशी के परिवार से भी जुड़ा है,क्योंकि वे वैभव की मां के रिश्ते में भाई लगते हैं।

अभिषेक की यह सफलता न केवल समस्तीपुर बल्कि पूरे बिहार के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
उनकी कहानी यह बताती है कि अगर मेहनत और लगन सच्ची हो तो किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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