Thoughts and Mental Health : नकारात्‍मक बातों से कम हो जाएगी उम्र!

Thoughts and Mental Health : जीवन का हमारे विचारों से गहरा संबंध है। विचार या सोच हमारी उम्र बढ़ा भी सकते हैं और घटा भी। सेन डियागो में हुई एक शोध कुछ यही बताती है।

Thoughts and Mental Health : मन का तन की सेहत से सीधा संबंध है। अगर मन में नकारात्मक विचार होंगे, तो सेहत पर इसका प्रभाव पड़ेगा ही पड़ेगा। सेन डियागो में हुए एक शोध के अनुसार, नकारात्मक सोच अगर दिमाग पर हावी रहती है तो इससे उम्र कम होती है और असमय मौत का जोखिम बना रहता है।

सोच पर हुआ अध्ययन

ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल ने नकारात्मक और सकारात्मक विचारों को लेकर एक शोध की। इस शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि ऐसे लोग जो हमेशा नकारात्मक बातें करते हैं जिनके दिमाग में हमेशा नकारात्मकता हावी रहती है, उनकी दिमागी सेहत खराब हो जाती है। एक अन्य अध्ययन के अनुसार, हमारे दिमाग (Thoughts and Mental Health) में आने वाले विचारों में 70 फीसदी विचार नकारात्मक ही होते हैं।

अगर आप लंबी आयु पाना चाहते हैं तो जरूरी है कि नकारात्मक विचारों से बचें और सकारात्मक विचारों को मन में जगह दें। इससे मानसिक और शारीरिक सेहत दुरुस्त रहेगी और आप लंबा जीवन जी सकेंगे।

नकारात्मक विचार यानी कई बीमारियां

अध्ययन बताते हैं कि हमारे भाव हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करते हैं। अगर हम मानसिक तौर पर परेशान हैं तो बाहरी तौर पर भी बदलाव दिखने लगते हैं। नकारात्मक विचार (Thoughts and Mental Health) हमारा वजन बढ़ाते हैं, याददाश्त भी कम होने लगती है। नींद न आना, अवसाद होना भी नकारात्मक विचारों के कारण ही होता है।

कार्यक्षमता पर भी बुरा असर

चिकित्सकों के अनुसार, नकारात्मक विचार तनाव देते हैं जिससे फिर दिल संबंधी बीमारी, ब्रेन हेमरेज, बीपी बढ़ना आदि बीमरियां हो सकती हैं। कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियां मन और उसके व्यवहार से जुड़ी होती हैं। नकारात्मक विचार हमें गंभीर अवसाद में ढकेल सकते हैं इससे हमारी कार्यक्षमता, दिनचर्या पर असर पड़ सकता है। ज्यादा नकारात्मक सोचने वाले लोग या तो कम या ज्यादा खाने लगते हैं। इससे मधुमेह होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।

सकारात्मकता ढूंढनी होगी

हम जानते ही हैं कि सकारात्मक सोच के परिणाम भी सकारात्मक होते हैं। सकारात्मक सोच हमें उदासी, तनाव और अवसाद से दूर करती है। जहां नकारात्मक सोच हमारा मनोबल कमजोर करती है तो वहीं सकारात्मक सोच (Thoughts and Mental Health) मनोबल बढ़ाकर हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि दिमाग में नकारात्मकता हावी न हो तो इसके उपाय आपको निकालने ही होंगे।

ऐसे दूर करें नकारात्मकता

  • नकारात्मक सोच वाले लोगों से दूर रहें।
  • नकारात्मक बातें करने वाले लोगों की हां में हां नहीं मिलाएं, किसी भी प्रकार की नकारात्मक मुद्दों का हिस्सा न बनें
  • योग, ध्यान और व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं
  • अच्छा व प्रेरणादायक साहित्य व किताबें पढ़ें
  • जीवन में कुछ सकारात्मक व सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य करने की कोशिश करें
  • बेहतर मनोरंजन के साधन ढूंढें
  • सकारात्मक लोगों की संगत में रहने का प्रयास करें।

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