Bullet Train Update: गुजरात में दौड़ी प्रगति की रफ्तार, 80% निर्माण पूरा, अगले साल शुरू होगा पहला हाई-स्पीड सेक्शन

Bullet Train Update: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को भारत के परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद दोनों महानगरों के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा, साथ ही हाई-स्पीड रेल तकनीक के क्षेत्र में भारत एक नई उपलब्धि हासिल करेगा।

Bullet Train Update:  मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना अब अपने सबसे अहम चरण में पहुंच चुकी है। गुजरात में इस महत्वाकांक्षी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा तैयार हो चुका है और अब यात्रियों को इसके पहले सेक्शन के संचालन का इंतजार है।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अहमदाबाद दौरे के दौरान परियोजना की प्रगति का जायजा लेते हुए कहा कि निर्माण कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है और वर्ष 2027 में पहला सेक्शन यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी है।

2027 में शुरू होगा बुलेट ट्रेन का पहला सफर

रेल मंत्री के अनुसार सबसे पहले सूरत से बिलिमोरा के बीच हाई-स्पीड ट्रेन का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से वापी-सूरत और फिर वापी-अहमदाबाद सेक्शन को चालू किया जाएगा। परियोजना का विस्तार आगे चलकर ठाणे और अंत में मुंबई तक पूरा होगा। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक अलग-अलग चरणों में पूरा कॉरिडोर तैयार हो जाए।

गुजरात में निर्माण ने पकड़ी रफ्तार, 80 फीसदी काम पूरा

परियोजना का सबसे बड़ा हिस्सा गुजरात में बन रहा है, जहां निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा है। अधिकारियों के मुताबिक राज्य में करीब 80 प्रतिशत सिविल वर्क पूरा किया जा चुका है। कई पुल, पिलर और संरचनाएं तैयार हैं, जबकि अब कई हिस्सों में ट्रैक बिछाने और तकनीकी सिस्टम स्थापित करने का काम चल रहा है।

100 फीट ऊंचाई पर बनेगा हाई-स्पीड ट्रैक (Bullet Train Update)

अहमदाबाद शहर के भीतर बुलेट ट्रेन का निर्माण इंजीनियरिंग की दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। कई स्थानों पर मौजूदा रेलवे लाइन, फ्लाईओवर और अन्य संरचनाओं को पार करते हुए एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किया गया है। शहर में लगभग 100 फीट की ऊंचाई पर बुलेट ट्रेन ट्रैक बनाया जा रहा है, जिससे भविष्य में ट्रेन बिना किसी बाधा के तेज गति से दौड़ सकेगी।

एक ही परिसर में मिलेगा रेलवे, मेट्रो, बस और बुलेट ट्रेन का कनेक्शन

अहमदाबाद स्टेशन को मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, बस टर्मिनल और बुलेट ट्रेन स्टेशन को इस तरह जोड़ा जा रहा है कि यात्रियों को एक माध्यम से दूसरे माध्यम तक पहुंचने में अतिरिक्त परेशानी न हो। यह व्यवस्था भविष्य के स्मार्ट ट्रांसपोर्ट मॉडल का अहम उदाहरण मानी जा रही है।

स्टेशन की डिजाइन में दिखेगी अहमदाबाद की सांस्कृतिक पहचान

बुलेट ट्रेन स्टेशन का डिजाइन केवल आधुनिक तकनीक तक सीमित नहीं रहेगा। इसकी वास्तुकला में अहमदाबाद की सांस्कृतिक विरासत को भी शामिल किया गया है। स्टेशन की बाहरी बनावट पतंग महोत्सव की थीम से प्रेरित रखी गई है, ताकि शहर की पहचान भी इस परियोजना का हिस्सा बन सके।

देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की मजबूत नींव

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को भारत के परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद दोनों महानगरों के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा, साथ ही हाई-स्पीड रेल तकनीक के क्षेत्र में भारत एक नई उपलब्धि हासिल करेगा। फिलहाल निर्माण कार्य तेज गति से जारी है और आने वाले वर्षों में इसके अलग-अलग सेक्शन क्रमवार जनता के लिए खोले जाएंगे।

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