Rain Alert: देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 3 जुलाई से 9 जुलाई के बीच उत्तर, पूर्व, पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम से जुड़े अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत में कई दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर
पहाड़ी राज्यों में मानसून का असर लगातार बढ़ रहा है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई स्थानों पर तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। खासतौर पर हिमाचल और उत्तराखंड के संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी बदलेगा मौसम
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम करवट लेने वाला है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में आने वाले दिनों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भी अलग-अलग दिनों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना रहेगा।
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में रहेगा बारिश का असर
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में अलग-अलग दिनों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। वहीं मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी लगातार वर्षा के आसार हैं। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट (Rain Alert)
पूर्वी भारत में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। झारखंड और ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश का दौर बना रह सकता है। बिहार में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिल सकती हैं।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ इलाकों में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा में भी बरसेंगे बादल
पश्चिम भारत के राज्यों में भी मानसून पूरी ताकत से सक्रिय रहेगा। गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों और मछुआरों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत में भी कई राज्यों पर बारिश का असर
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और लक्षद्वीप में भी अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। लगातार वर्षा के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है।
मौसम विभाग की लोगों को सलाह
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। भारी बारिश वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा न करें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करें। किसानों, वाहन चालकों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि आने वाले कुछ दिन कई राज्यों में मौसम चुनौतीपूर्ण बना सकता है।
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