Nepal Flood 2026: नेपाल के रसुवा इलाके में अचानक आई भीषण बाढ़ ने तबाही की ऐसी तस्वीर सामने रख दी है, जिसने हर किसी को झकझोर दिया है। तेज बहाव अपने साथ घरों, सड़कों और पुलों को बहा ले गया। कई इलाकों में भारी मात्रा में मलबा जमा है और राहत टीमों के लिए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
384 पर्यटकों के लापता होने से बढ़ी चिंता
बाढ़ के बाद सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनसे अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। नेपाल पर्यटन बोर्ड की जानकारी के मुताबिक कुल 384 पर्यटक लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिक भी बताए गए हैं।
भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स, मलेशिया और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक भी लापता लोगों में शामिल हैं। कुछ लोगों की राष्ट्रीयता की पुष्टि की प्रक्रिया अभी जारी है।
गांवों से लेकर सड़क-पुल तक सैलाब की चपेट में (Nepal Flood 2026)
रसुवा में बाढ़ का असर सिर्फ आबादी वाले इलाकों तक सीमित नहीं रहा। नदी के तेज बहाव ने कई संपर्क मार्गों और पुलों को नुकसान पहुंचाया है। कई जगह सड़कें बंद होने से राहत और बचाव दलों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। तबाही के बाद सामने आई तस्वीरों में जगह-जगह मलबा और पानी का तेज बहाव दिखाई दे रहा है।
सेना और सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चा
हालात को देखते हुए नेपाल में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। सेना के हेलीकॉप्टरों के साथ मेडिकल और रेस्क्यू टीमों को प्रभावित इलाकों में भेजा गया है। नेपाल सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल पुलिस के जवान भी अभियान में जुटे हैं।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने आपात बैठक कर स्थिति की समीक्षा की है। फिलहाल प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान
बाढ़ ने नेपाल के बुनियादी ढांचे को भी बड़ा झटका दिया है। नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के अनुसार छह बड़े हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स प्रभावित हुए हैं। इससे बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन व्यवस्था पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है।
मलबे के बीच जारी है जिंदगी बचाने की जंग
बाढ़ के बाद कुछ शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। अधिकारियों को आशंका है कि राहत दल जब ज्यादा प्रभावित इलाकों तक पहुंचेंगे, तब नुकसान और लापता लोगों की वास्तविक संख्या सामने आ सकती है।
रसुवा में इस समय सबसे बड़ी चुनौती तेज बहाव, मलबे और क्षतिग्रस्त रास्तों के बीच लोगों तक पहुंचना है। बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं और हर गुजरता घंटा लापता लोगों की तलाश के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
105 भारतीयों की तलाश पर भारत की भी नजर
लापता लोगों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के शामिल होने से भारत में भी चिंता बढ़ गई है। भारतीय पर्यटकों की स्थिति और उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर संबंधित एजेंसियां नेपाल के अधिकारियों के संपर्क में हैं। आने वाले समय में रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ लापता लोगों की स्थिति को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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