Raghuveer Singh Meena: मध्य प्रदेश के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी रघुवीर सिंह मीणा एक जाति प्रमाणपत्र से जुड़े मामले को लेकर चर्चा में हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ कथित तौर पर गलत जाति प्रमाणपत्र के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सरकारी शिक्षक की नौकरी के समय उन्होंने OBC वर्ग का प्रमाणपत्र इस्तेमाल किया था, जबकि बाद में MPPSC के जरिए DSP पद पर चयन के दौरान ST वर्ग का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया गया।
मामला सामने आने के बाद पुलिस की सतर्कता शाखा ने पुराने रिकॉर्ड और शिकायत से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद धोखाधड़ी, साजिश, गलत दस्तावेज के इस्तेमाल और SC-ST अत्याचार निवारण कानून की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
सरकारी शिक्षक से पुलिस अधिकारी तक का सफर
रघुवीर सिंह मीणा ने पुलिस सेवा में आने से पहले सरकारी शिक्षक के तौर पर काम किया था। शिकायत से जुड़े रिकॉर्ड के मुताबिक, शिक्षक की नियुक्ति के समय उनके दस्तावेजों में OBC वर्ग का उल्लेख था।
इसके कुछ समय बाद MPPSC की परीक्षा के जरिए DSP पद के लिए आवेदन करते समय उनके द्वारा ST वर्ग का प्रमाणपत्र इस्तेमाल किए जाने का आरोप सामने आया। यही अंतर अब पूरे मामले की जांच का प्रमुख बिंदु है।
विदिशा से जारी प्रमाणपत्र पर उठे सवाल
जांच में जिस ST प्रमाणपत्र का जिक्र किया गया है, उसके विदिशा से जारी होने की बात सामने आई है। शिकायतकर्ता की ओर से प्रमाणपत्र की वैधता और उसे जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे।
मामले की पड़ताल के दौरान यह भी जांचा गया कि प्रमाणपत्र जारी करने के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था और संबंधित रिकॉर्ड में उनकी सामाजिक श्रेणी तथा मूल निवासी स्थिति क्या दर्ज थी।
गुना निवासी की शिकायत के बाद आगे बढ़ा मामला
रघुवीर सिंह मीणा के खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत गुना निवासी हरवीर सिंह रघुवंशी की शिकायत से जुड़ी बताई जा रही है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित स्तर पर दस्तावेजों की जांच कराई गई।
पुराने रिकॉर्ड की पड़ताल के दौरान जाति प्रमाणपत्र को लेकर सामने आए विरोधाभासों की जांच की गई। इसके बाद पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने आपराधिक प्रकरण दर्ज किया।
1986 में DSP बने थे रघुवीर सिंह मीणा
रघुवीर सिंह मीणा का चयन वर्ष 1986 में DSP पद के लिए हुआ था। पुलिस सेवा में रहते हुए उन्होंने आगे की जिम्मेदारियां संभालीं और बाद में उन्हें IPS का अवॉर्ड भी मिला।
अब सेवानिवृत्ति के बाद उनके खिलाफ दर्ज इस मामले की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित प्रमाणपत्र वैध था या नहीं और यदि प्रमाणपत्र में कोई गड़बड़ी थी तो उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
ममता मीणा रह चुकी हैं BJP विधायक (Raghuveer Singh Meena)
रघुवीर सिंह मीणा की पत्नी ममता मीणा मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रही हैं। वह 2013 से 2018 के बीच चाचौड़ा विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक रह चुकी हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी का टिकट नहीं मिला था।
जाति प्रमाणपत्र से जुड़े मौजूदा मामले में पुलिस की कार्रवाई रघुवीर सिंह मीणा के खिलाफ दर्ज की गई है। मामले की आगे की जांच में दस्तावेजों और प्रमाणपत्र से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।

