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Shambhavi Pathak: जिस बेटी को दुल्हन बनाकर विदा करना था, आज उसी की अर्थी उठी,पायलट शांभवी के मौत के बाद सदमे में परिवार

Shambhavi Pathak
Shambhavi Pathak

Shambhavi Pathak: महाराष्ट्र के बारामती क्षेत्र में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों में सह-पायलट शांभवी पाठक भी शामिल थीं। दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव स्थित उनके घर में अब सन्नाटा और आंसुओं का माहौल है। जहां कुछ ही समय पहले शादी की तैयारियों की चर्चा होती थी, वहां अब गम और चुप्पी ने डेरा डाल लिया है।

परिवार के लिए यह यकीन कर पाना मुश्किल है कि हमेशा मुस्कराने वाली, आत्मविश्वास से भरी शांभवी अब कभी लौटकर नहीं आएंगी। रिश्तेदारों और परिचितों का तांता लगा हुआ है, जो किसी तरह शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं।

लैंडिंग से पहले हुआ हादसा, नहीं बच सकीं शांभवी (Shambhavi Pathak)

शांभवी वीएसआर वेंचर्स के लियरजेट-45 विमान में सह-पायलट के रूप में तैनात थीं। हादसे के वक्त वह वरिष्ठ पायलट के साथ उड़ान पर थीं। बताया जा रहा है कि बारामती हवाई पट्टी पर उतरने से कुछ समय पहले ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें शांभवी समेत सभी सवारों की मौत हो गई।

हादसे की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शांभवी के पिता, जो स्वयं रिटायर्ड आर्मी पायलट हैं, पुणे के लिए रवाना हो गए ताकि बेटी के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई दी जा सके।

मां-बाप के सपने अधूरे रह गए

शांभवी की मां एक प्रतिष्ठित स्कूल में शिक्षिका हैं। बेटी की शादी को लेकर उनके सपने आंखों में थे, लेकिन नियति ने उन्हें ऐसा घाव दिया है, जो शायद कभी नहीं भर पाएगा। छोटा भाई भारतीय नौसेना में कार्यरत है, जिसे बहन के जाने की खबर ने भीतर तक तोड़ दिया।

पड़ोसियों की आंखें भी नम

मोहल्ले के लोग शांभवी को एक बेहद विनम्र और मिलनसार लड़की के रूप में याद कर रहे हैं। पड़ोसियों का कहना है कि वह हर किसी से मुस्कान के साथ मिलती थीं और सामाजिक कार्यक्रमों में पूरे उत्साह से भाग लेती थीं। उनकी सकारात्मक ऊर्जा हर किसी को प्रभावित करती थी।

सिक्योरिटी गार्ड और आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि पाठक परिवार हमेशा सरल और स्नेही व्यवहार के लिए जाना जाता था। शांभवी का आत्मविश्वास और उड़ान के प्रति जुनून साफ झलकता था।

कम उम्र में हासिल की बड़ी उपलब्धियां

साल 2022 में वीएसआर वेंचर्स से जुड़ी शांभवी ने कम उम्र में एविएशन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली थी। उन्होंने विदेश में फ्लाइट ट्रेनिंग ली, कमर्शियल पायलट लाइसेंस प्राप्त किया और एयरोनॉटिक्स में ग्रेजुएशन पूरा किया।

आज एक होनहार पायलट के असमय चले जाने से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरा एविएशन समुदाय शोक में डूबा है। शांभवी की यादें हमेशा उनके चाहने वालों के दिलों में जिंदा रहेंगी।

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