Shubham Kumar: बिहार के जहानाबाद जिले के बनवरिया गांव में उस समय मातम पसर गया जब भारतीय वायुसेना के फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के शहीद होने की खबर पहुंची। असम के जोरहाट क्षेत्र में हुए सैन्य विमान हादसे में उन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इस दुखद समाचार ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले को गहरे शोक में डुबो दिया है।
बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित
बताया जा रहा है कि हादसे से कुछ घंटे पहले ही शुभम कुमार ने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी। बातचीत के दौरान उन्होंने जल्दबाजी में कहा था कि वह ड्यूटी में व्यस्त हैं और बाद में आराम से बात करेंगे। किसी ने नहीं सोचा था कि यह मां-बेटे की आखिरी बातचीत साबित होगी।
परिवार का रो-रो कर बुरा हाल
परिवार के सदस्यों के अनुसार, हादसे की सूचना मिलने के बाद पहले किसी को यकीन नहीं हुआ। बाद में जब आधिकारिक तौर पर खबर की पुष्टि हुई तो घर में कोहराम मच गया। शुभम के छोटे भाई ने बताया कि परिवार को अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि उनका बेटा हमेशा के लिए उन्हें छोड़कर चला गया।
साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले शुभम कुमार ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनने का सपना पूरा किया था। वर्ष 2021 में उन्होंने वायुसेना में अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाली और देश सेवा को ही अपना सबसे बड़ा लक्ष्य बना लिया।
परिजनों का कहना है कि शुभम ने निजी जीवन से ज्यादा महत्व राष्ट्र सेवा को दिया। यही कारण था कि उन्होंने अपने करियर और देश के प्रति समर्पण को प्राथमिकता देते हुए कई व्यक्तिगत योजनाओं को भी टाल रखा था।
शुभम अपने मिलनसार स्वभाव, अनुशासन और सरल व्यक्तित्व के लिए गांव में काफी लोकप्रिय थे। उनकी शहादत की खबर मिलते ही आसपास के गांवों और जिले भर से लोग उनके परिवार को सांत्वना देने पहुंचने लगे। हर कोई उनके साहस और देशभक्ति को सलाम कर रहा है।
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