Sunday Holiday History

संडे यानी फन डे, सप्ताह भर काम करके लोग थक जाते हैं और संडे का बेसब्री से इंतजार करते हैं। 

लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर संडे को ही छुट्टी क्यों होती है? ये संडे की शुरुआत कब से हुई?

संडे को वीकेंड हॉलिडे घोषित करने से पहले सभी लोग 7 दिन तक लगातार काम करते थे। बच्चों को भी बिना किसी छुट्टी के लगातार पढ़ाई करनी पड़ती थी। 

मजदूरों का शोषण को देखते हुए ट्रेड यूनियन मूवमेंट के जनक नारायण मेघाजी लोखंडे ने देश में लंबा आंदोलन चलाया।

सात साल चला संघर्ष

उन्हीं के आंदोलन के कारण अंग्रेज हुकूमत ने 10 जून को 1890 को भारतीयों के लिए रविवार के दिन को साप्ताहिक अवकाश मिलना शुरू हुआ।

सात साल चला संघर्ष

Kaam Ki Baate: 

स्वास्थ्य /लाइफस्टाइल

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1844 में, ब्रिटिश गवर्नर-जनरल ने स्कूल जाने वाले छात्रों के लिए 'संडे हॉलिडे' का प्रावधान पेश किया था 

सात साल चला संघर्ष

जिससे बच्चों को इस दिन कुछ क्रिएटिविटी करने का समय मिले और रेगुलर पढ़ाई से हटके कुछ कर सकें।

बच्चों को मिले क्रिएटिविटी का समय

हिंदू धर्म के हिसाब से हफ्ते की शुरुआत सूर्य के दिन यानी रविवार से मानी जाती है। इसलिए शुरुआत की छुट्टी का प्रावधान रखा गया।

 धार्मिक मान्यता

संडे के दिन छुट्टी को इसलिए चुना गया क्योंकि इस दिन अग्रेंज काम नहीं करते थे। संडे को चर्च जाकर प्रभु यीशु मसीह को याद करते हैं

रविवार को यीशु मसीह की पूजा

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