Success Story: पिता को कैंसर में खोया, मां ने गहने गिरवी रख सिलाई से पाला परिवार, बेटा बना गांव का पहला IITian

Success Story: ओडिशा के गंजाम जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले जिगर नाइक की कहानी इसी बात का उदाहरण है। आर्थिक तंगी, पिता की मौत और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उनकी मां ने हार नहीं मानी। गहने गिरवी रखे, सिलाई का काम किया और बेटे की पढ़ाई जारी रखी।

Success Story: कहते हैं कि मुश्किल हालात इंसान की हिम्मत की असली परीक्षा लेते हैं। ओडिशा के गंजाम जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले जिगर नाइक की कहानी इसी बात का उदाहरण है। आर्थिक तंगी, पिता की मौत और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उनकी मां ने हार नहीं मानी। गहने गिरवी रखे, सिलाई का काम किया और बेटे की पढ़ाई जारी रखी। आज वही बेटा JEE Advanced 2026 में शानदार रैंक हासिल कर अपने गांव का पहला IITian बनने जा रहा है।

पिता के निधन के बाद बदल गई परिवार की जिंदगी

जिगर का परिवार पहले से ही सीमित आय में गुजर-बसर करता था। उनके पिता गुजरात की एक टेक्सटाइल फैक्ट्री में काम करते थे और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। कैंसर की बीमारी ने परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगाड़ दी। इलाज में जमा पूंजी खत्म हो गई और आखिरकार पिता का निधन हो गया। इसके बाद परिवार के सामने रोजमर्रा का खर्च चलाना भी चुनौती बन गया।

मां ने संघर्ष को बनाया ताकत (Success Story)

पति के जाने के बाद जिगर की मां अपूर्वा नाइक ने अपने बच्चों की पढ़ाई रुकने नहीं दी। उन्होंने अपने गहने गिरवी रखकर पैसे जुटाए और घर में सिलाई का काम शुरू किया। दिन-रात मेहनत कर उन्होंने परिवार का खर्च उठाया और बेटे के सपनों को टूटने नहीं दिया।

सोशल मीडिया से मिला IIT का सपना

जिगर ने एक इंटरव्यू में बताया कि 10वीं कक्षा तक उन्हें IIT-JEE के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। सोशल मीडिया पर इंजीनियरिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े वीडियो देखने के बाद उन्होंने IIT में पढ़ाई करने का लक्ष्य तय किया। इसके बाद उन्होंने पूरी लगन के साथ तैयारी शुरू कर दी।

बोर्ड परीक्षा में भी किया शानदार प्रदर्शन

जिगर पढ़ाई में शुरू से ही मेहनती रहे। उन्होंने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि 12वीं में 87 प्रतिशत नंबर प्राप्त किए। अच्छे प्रदर्शन की बदौलत उन्हें आगे की तैयारी के लिए भी मदद मिली।

कोटा में दो साल की कड़ी मेहनत लाई रंग

बेहतर तैयारी के लिए जिगर कोटा पहुंचे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने दो वर्षों तक लगातार मेहनत की। सीमित संसाधनों में रहकर उन्होंने अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान दिया और JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक 5474 हासिल कर ली।

गांव के पहले IITian बनने का गौरव

जिगर नाइक अब अपने गांव के पहले ऐसे छात्र बन गए हैं जिन्हें IIT में प्रवेश का मौका मिलेगा। उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन गई है।

मां के लिए देखा सबसे बड़ा सपना

जिगर का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा अपनी मां को संघर्षों से मुक्त करना है। उनका सपना है कि IIT से पढ़ाई पूरी करने के बाद वह अच्छी नौकरी हासिल करें, परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करें और अपने छोटे भाई की पढ़ाई भी बिना किसी परेशानी के पूरी कराएं।

संघर्ष, मेहनत और मां के त्याग की मिसाल

जिगर नाइक की सफलता यह साबित करती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर परिवार का साथ, मजबूत इरादे और लगातार मेहनत हो तो बड़े से बड़ा सपना भी पूरा किया जा सकता है। यह कहानी उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने भविष्य को बेहतर बनाने का सपना देख रहे हैं।

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