Success Story: पिता के एक ताने ने बदल दी किस्मत, कभी प्री-बोर्ड में हुए फेल… आज हैं IPS अफसर

Success Story: मोहिबुल्लाह अंसारी की कहानी यह याद दिलाती है कि किसी एक परीक्षा में असफल होना जीवन की हार नहीं होती। सही दिशा, अनुशासन और लगातार मेहनत किसी भी छात्र को नई पहचान दिला सकती है।

Success Story: हर सफलता के पीछे कोई न कोई ऐसी घटना होती है, जो इंसान की सोच बदल देती है। बिहार के मोहिबुल्लाह अंसारी के लिए वह पल तब आया, जब पढ़ाई को लेकर पिता की कही एक बात उनके दिल में उतर गई। उस दिन के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पहले IIT तक पहुंचे और फिर कई उतार-चढ़ाव के बाद UPSC परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में जगह बनाई।

आज उनकी कहानी उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो किसी असफलता के बाद खुद पर भरोसा खो देते हैं। मोहिबुल्लाह का सफर बताता है कि एक गलत शुरुआत का मतलब कभी भी खराब मंजिल नहीं होता।

जब पढ़ाई से ज्यादा शरारतों की होती थी चर्चा

बिहार के सिवान जिले में पले-बढ़े मोहिबुल्लाह अंसारी बचपन में पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि अपनी शरारतों के लिए ज्यादा जाने जाते थे। स्कूल में उनका प्रदर्शन भी सामान्य था और कई बार परिवार को उनकी पढ़ाई को लेकर चिंता रहती थी।

स्थिति तब और मुश्किल हो गई, जब प्री-बोर्ड परीक्षा में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। बड़े सपने देखने वाले मोहिबुल्लाह को घर में यह सुनना पड़ा कि पहले स्कूल की परीक्षा तो ठीक से पास करो। यही बात उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ बन गई।

एक फैसला… और बदल गई पूरी दिशा

उन्होंने तय कर लिया कि अब शिकायत नहीं, सिर्फ मेहनत होगी। रोजाना नियमित पढ़ाई शुरू की, अपनी कमजोरियों पर काम किया और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी में पूरी ताकत लगा दी। मेहनत रंग लाई और उन्हें IIT दिल्ली में केमिकल इंजीनियरिंग में दाखिला मिल गया।

नौकरी मिली, लेकिन सपना कुछ और था (Success Story)

इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने निजी क्षेत्र में नौकरी शुरू की। अच्छी नौकरी होने के बावजूद उनका मन वहां नहीं लगा। उन्हें महसूस हुआ कि समाज के लिए बड़े स्तर पर काम करने का सपना अभी अधूरा है। इसी सोच के साथ उन्होंने नौकरी छोड़ दी और UPSC की तैयारी का रास्ता चुना।

तीन बार निराशा मिली, चौथी कोशिश ने बदल दी जिंदगी

सिविल सेवा की राह आसान नहीं थी। शुरुआती प्रयासों में वे इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बना सके। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी। आखिरकार वर्ष 2021 में उन्होंने UPSC परीक्षा में सफलता हासिल की और ऑल इंडिया रैंक 381 के साथ IPS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।

हर छात्र के लिए है एक बड़ी सीख

मोहिबुल्लाह अंसारी की कहानी यह याद दिलाती है कि किसी एक परीक्षा में असफल होना जीवन की हार नहीं होती। सही दिशा, अनुशासन और लगातार मेहनत किसी भी छात्र को नई पहचान दिला सकती है। कभी जिस छात्र से सिर्फ पास होने की उम्मीद की जाती थी, वही आज वर्दी पहनकर देश की सेवा कर रहा है।

नोट: सफलता की यह कहानी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। इसका उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना है।

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