SC के अंतरिम आदेश पर CJP का सख्त रुख, छात्रों पर कार्रवाई जारी रही तो फिर होगा देशव्यापी आंदोलन

CJP: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के खिलाफ अपना रुख और कड़ा कर लिया है। पार्टी का कहना है कि यदि आंदोलन में शामिल छात्रों को पुलिस या प्रशासन की ओर से परेशान किया गया, तो संगठन एक बार फिर बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू करेगा।

CJP : सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के खिलाफ अपना रुख और कड़ा कर लिया है। पार्टी का कहना है कि यदि आंदोलन में शामिल छात्रों को पुलिस या प्रशासन की ओर से परेशान किया गया, तो संगठन एक बार फिर बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू करेगा। CJP ने आरोप लगाया कि छात्रों को दिए गए सरकारी आश्वासन और मौजूदा स्थिति के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।

छात्रों को निशाना बनाया गया तो फिर होगा प्रदर्शन

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यदि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहती है, तो संगठन दोबारा व्यापक विरोध प्रदर्शन करेगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों को प्रताड़ित करना बंद किया जाए और उनके खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न हो।

CJP: सरकार पर वादा तोड़ने का आरोप

पार्टी के नेता सौरव दास ने कहा कि 25 जुलाई को सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और किसी भी छात्र को निशाना न बनाने का भरोसा दिया गया था। इसी आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त किया गया था, लेकिन अब हालात अलग नजर आ रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के एक बिंदु पर जताई चिंता

सौरव दास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के एक निर्देश को लेकर संगठन गंभीर चिंता में है। उनका दावा है कि इससे पहले से दर्ज मामलों की जांच आगे बढ़ सकती है, जिसका असर प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि इसका उपयोग आंदोलनकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के लिए किया जा सकता है।

सरकारी वकीलों की भूमिका पर भी उठे सवाल

CJP ने अदालत में सरकार की ओर से पेश किए गए पक्ष पर भी सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि अदालत को पहले हुए समझौते और सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन की पूरी जानकारी दी जानी चाहिए थी, ताकि फैसले के दौरान सभी तथ्यों पर विचार हो सके।

FIR वापस लेने का अधिकार सरकार के पास

पार्टी नेताओं का कहना है कि अंतरिम आदेश में ऐसा कोई निर्देश नहीं है जो सरकारों को दर्ज मामलों को वापस लेने से रोकता हो। उनका दावा है कि यदि सरकार चाहे तो प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को राहत दे सकती है।

CJP ने रखीं ये प्रमुख मांगें

संगठन ने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं, छात्रों को भविष्य में किसी भी प्रकार की कार्रवाई से सुरक्षा दी जाए और सरकार अदालत के सामने अपने पूर्व लिखित आश्वासन को स्पष्ट रूप से रखे ताकि स्थिति पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।

देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

CJP ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार अपने वादों से पीछे हटती है और छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहती है, तो संगठन दोबारा देशभर में शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेगा। पार्टी का कहना है कि युवाओं के हितों की अनदेखी होने पर वे चुप नहीं बैठेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

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