Chintaman Ganesh Temple: अगर शादी की उम्र होने बावजूद भी आपका विवाह नहीं हो रहा है और बार-बार शादी तय हो के शादी टूट जाता है तो आप उज्जैन के गणपति मंदिर जा सकते हैं। इस मंदिर में दर्शन करने से आपकी सभी परेशानी दूर हो जाएगी और मान्यता है कि यहां दर्शन करने से विवाह में आने वाली परेशानियां दूर हो जाती है।
उज्जैन के इस मंदिर में विराजते हैं गणेश जी के तीन स्वरूप
उज्जैन से करीब 5 किलोमीटर दूर फतेहाबाद रेलवे स्टेशन के पास स्थित श्री चिंतामण गणेश मंदिर श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है। यह भगवान गणेश का तीन प्रतिमा स्थापित है जहां दर्शन करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर होती है।
मान्यता के अनुसार, चिंतामण गणेश भक्तों की चिंताओं को दूर करने वाले हैं। इच्छामण गणेश से मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की जाती है, जबकि सिद्धिविनायक से कार्यों में सफलता की कामना की जाती है।
विवाह के लिए यहां निभाई जाती है खास परंपरा
इस मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन युवक-युवतियों के विवाह में देरी हो रही हो, वे भगवान गणेश के समक्ष अपनी शादी की इच्छा रखते हैं। कई श्रद्धालु विवाह की कामना के साथ लग्न पत्रिका लिखकर गणपति के चरणों में अर्पित करते हैं।
ऐसा माना जाता है कि गणेश जी का आशीर्वाद मिलने से विवाह की मनोकामना पूरी होने का मार्ग प्रशस्त होता है। शादी तय होने या विवाह संपन्न होने के बाद दंपती दोबारा मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लेते हैं।
रामायण काल से जुड़ी बताई जाती है मंदिर की कथा
श्री चिंतामण गणेश मंदिर की प्राचीनता को लेकर कई धार्मिक और स्थानीय मान्यताएं प्रचलित हैं। स्थानीय परंपरा में इस स्थान को भगवान श्रीराम के वनवास काल से भी जोड़ा जाता है। कथा के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण इस क्षेत्र में पहुंचे थे।
कहा जाता है कि उस दौरान माता सीता को प्यास लगी थी। लक्ष्मण ने अपने बाण से धरती से जलधारा प्रकट की। इसी स्थान पर भगवान श्रीराम ने गणेश जी की पूजा की थी। हालांकि, यह विवरण धार्मिक मान्यता और स्थानीय परंपरा पर आधारित है।
स्वयंभू गणेश की भी है मान्यता
स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच यह विश्वास भी प्रचलित है कि मंदिर में विराजमान भगवान गणेश स्वयंभू हैं, यानी यहां उनका प्राकट्य स्वयं हुआ था। इसी वजह से इस स्थान को गणेश भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व वाला माना जाता है।
बुधवार को गणेश पूजा का माना जाता है विशेष महत्व
सनातन परंपरा में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। इस दिन भक्त गणपति की पूजा कर सुख-समृद्धि, बुद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। चिंतामण गणेश मंदिर में भी श्रद्धालु अपनी अलग-अलग मनोकामनाओं के साथ भगवान के दर्शन करने पहुंचते हैं।

