8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच सिर्फ फिटमेंट फैक्टर की चर्चा नहीं है। वेतन और पेंशन में बदलाव के साथ-साथ महंगाई भत्ते को लेकर भी कई ऐसे प्रस्ताव सामने आए हैं, जिन पर कर्मचारियों की नजर बनी हुई है। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने DA बढ़ाने की आवृत्ति से लेकर उसे बेसिक पे में जोड़ने तक की मांग रखी है।
अब आयोग की अगली बैठकों को लेकर भी हलचल बढ़ गई है। 16 से 18 सितंबर के बीच चंडीगढ़ में होने वाली बैठक में कर्मचारियों और उनके संगठनों की ओर से कई मुद्दे उठाए जाने की उम्मीद है।
DA को लेकर क्यों उठी नई मांग?
अभी केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में साल में दो बार संशोधन होता है। जनवरी और जुलाई से DA में बदलाव किया जाता है। लेकिन कर्मचारी संगठनों का एक वर्ग चाहता है कि महंगाई के उतार-चढ़ाव के हिसाब से इसमें साल में चार बार बदलाव किया जाए।
इस मांग के पीछे तर्क यह है कि महंगाई में तेजी से बदलाव होने पर कर्मचारियों को उसका असर DA में जल्द मिल सके।
यह फिलहाल कर्मचारी संगठनों की मांग है। इसे सरकार द्वारा मंजूर किया गया नया नियम समझना सही नहीं होगा।
DA को Basic Pay में जोड़ने पर भी अलग-अलग राय
8वें वेतन आयोग के सामने DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने का मुद्दा भी पहुंचा है। कुछ संगठनों ने सुझाव दिया है कि 25 फीसदी DA होने पर उसे Basic Pay में शामिल किया जाए।
वहीं कुछ दूसरे संगठनों ने DA के 50 फीसदी तक पहुंचने के बाद मर्जर की मांग की है।
इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों के बीच DA मर्जर को लेकर एक समान प्रस्ताव नहीं है। अंतिम फैसला आयोग की सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
Salary बढ़ाने में फिटमेंट फैक्टर की होगी अहम भूमिका
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी कर्मचारी संगठन ज्यादा बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। कुछ संगठनों ने इसे 3.84 रखने का प्रस्ताव दिया है।
फिटमेंट फैक्टर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नए वेतन ढांचे में मौजूदा बेसिक पे को संशोधित करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के तौर पर केवल समझने के लिए 18,000 रुपये की बेसिक पे पर 4 का फैक्टर लगाया जाए तो गणना 72,000 रुपये बनती है।
लेकिन इसे वास्तविक नई सैलरी मानना ठीक नहीं है। फाइनल फिटमेंट फैक्टर और वेतन संरचना तय होने के बाद ही कर्मचारियों की वास्तविक सैलरी का पता चलेगा।
हर साल ज्यादा Increment चाह रहे कर्मचारी
वेतन आयोग के सामने सालाना वेतन वृद्धि को लेकर भी प्रस्ताव रखे गए हैं। कुछ कर्मचारी संगठनों ने 6 फीसदी Annual Increment की मांग की है, जबकि एक संगठन की ओर से इसे 7 फीसदी किए जाने की मांग सामने आई है।
अगर ऐसी मांगों पर विचार होता है तो इसका असर कर्मचारियों की लंबे समय की वेतन वृद्धि पर पड़ सकता है। हालांकि अभी यह केवल मांगों के स्तर पर है।
Family Unit में बदलाव का भी प्रस्ताव
कर्मचारी संगठनों ने Family Unit से जुड़े प्रावधान को लेकर भी बदलाव की मांग उठाई है। मौजूदा संख्या को 3 से बढ़ाकर 5 करने का प्रस्ताव दिया गया है।
इसके साथ ही पेंशनर्स से जुड़े मुद्दे भी बैठकों में उठाए जा रहे हैं। इनमें न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 45,000 रुपये करने की मांग भी शामिल है।
8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों को क्या उम्मीद?
8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था। इसके बाद अलग-अलग कर्मचारी और पेंशनर संगठनों से सुझाव लेने का सिलसिला शुरू हुआ।
चेन्नई में हुई बैठकों के बाद आयोग ने पुडुचेरी में भी संबंधित संगठनों से चर्चा की। अब चंडीगढ़ की बैठक को लेकर कर्मचारियों की निगाहें टिकी हैं।
हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इनमें से कौन-सी मांग स्वीकार की जाएगी। आयोग विभिन्न पक्षों के सुझावों पर विचार करके अपनी सिफारिशें तैयार करेगा। इसके बाद केंद्र सरकार के स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

