RBI CMS Portal: बैंक में खाता खुलवाना हो, KYC अपडेट कराना हो या फिर लोन से जुड़ा कोई काम, ग्राहकों को अक्सर बैंक की शाखा में जाना पड़ता है। बैंक से बेहतर सेवा और सम्मानजनक व्यवहार की उम्मीद हर ग्राहक करता है। लेकिन अगर कोई कर्मचारी बात-बात पर परेशान करे, गलत भाषा का इस्तेमाल करे या बिना उचित कारण काम करने से मना कर दे, तो ग्राहक क्या कर सकता है?
हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने इस सवाल को फिर चर्चा में ला दिया है। वीडियो में कथित तौर पर KYC कराने पहुंचे एक बुजुर्ग के साथ बैंक कर्मचारी को बदसलूकी करते हुए देखा गया। इस घटना के बाद यह जानना जरूरी हो गया है कि बैंक में अपमानजनक व्यवहार का सामना करने पर ग्राहक को कहां शिकायत करनी चाहिए और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियम इस मामले में क्या कहते हैं।
बैंक में गलत व्यवहार होने पर ग्राहक को क्या करना चाहिए?
बैंक में काम कराने पहुंचने वाले ग्राहकों को सम्मानजनक व्यवहार और निर्धारित नियमों के अनुसार सेवाएं पाने का अधिकार है। अगर कोई कर्मचारी आपके साथ अभद्र भाषा में बात करता है, जानबूझकर परेशान करता है या बिना उचित वजह के सेवा देने से इनकार करता है, तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं।
हालांकि, किसी सेवा में देरी या इनकार के पीछे तकनीकी, दस्तावेजी अथवा नियामकीय कारण भी हो सकते हैं। इसलिए शिकायत करते समय घटना की पूरी जानकारी और उपलब्ध सबूत देना महत्वपूर्ण है।
सबसे पहले ब्रांच मैनेजर को बताएं पूरा मामला
अगर बैंक का कोई कर्मचारी आपके साथ गलत व्यवहार करता है, तो सबसे पहले संबंधित शाखा के मैनेजर से शिकायत करें। अपनी बात मौखिक रूप से बताने के बजाय लिखित शिकायत देना ज्यादा उपयोगी हो सकता है।
शिकायत में इन बातों का उल्लेख जरूर करें:
- घटना किस तारीख और समय पर हुई?
- बैंक की किस शाखा में आपके साथ गलत व्यवहार किया गया?
- संबंधित कर्मचारी का नाम या पहचान क्या है?
- कर्मचारी ने क्या कहा या किस तरह का व्यवहार किया?
- घटना के समय कोई गवाह मौजूद था या नहीं?
यदि आपके पास घटना से संबंधित कोई वैध सबूत है, तो उसे भी शिकायत के साथ संलग्न कर सकते हैं। शिकायत जमा करने के बाद उसकी प्राप्ति या शिकायत संख्या जरूर लें, ताकि आगे जरूरत पड़ने पर उसका रिकॉर्ड आपके पास रहे।
मैनेजर सुनवाई न करे तो कहां जाएं?
अगर शाखा प्रबंधक आपकी शिकायत पर ध्यान नहीं देता या समस्या का समाधान नहीं होता, तो आप बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय अथवा बैंक के निर्धारित शिकायत निवारण विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
अधिकांश बैंकों की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल बैंकिंग ऐप पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध होती है। आप बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र के जरिए भी शिकायत कर सकते हैं।
शिकायत दर्ज करते समय पहले की शिकायत का नंबर, घटना का विवरण और बैंक की ओर से मिले जवाब को सुरक्षित रखें। इससे मामले को आगे बढ़ाने में आसानी होगी।
RBI में शिकायत करने का क्या है नियम?
अगर बैंक आपकी शिकायत को खारिज कर देता है, समाधान से आप संतुष्ट नहीं हैं या बैंक को शिकायत मिलने के 30 दिनों के भीतर कोई जवाब नहीं मिलता, तो आप भारतीय रिजर्व बैंक की इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम के तहत शिकायत करने के पात्र हो सकते हैं।
इसके लिए RBI के शिकायत प्रबंधन सिस्टम (CMS) का इस्तेमाल किया जा सकता है।
शिकायत दर्ज करने की आधिकारिक वेबसाइट: RBI Complaint Management System
यहां शिकायत दर्ज करने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपका मामला योजना के दायरे में आता है या नहीं। सामान्य तौर पर पहले संबंधित बैंक के पास शिकायत दर्ज कराना आवश्यक होता है। बैंक के जवाब से असंतुष्ट होने या 30 दिनों में जवाब नहीं मिलने की स्थिति में निर्धारित शर्तों के अनुसार RBI से संपर्क किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि RBI की व्यवस्था हर तरह की शिकायत पर स्वतः कार्रवाई या मुआवजे की गारंटी नहीं देती। शिकायत की स्वीकार्यता संबंधित नियमों और मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

