Navratri Bhog List 2026: नवरात्र में मां दुर्गा को भूलकर भी न चढ़ाएं ये 5 फल! जानें नौ दिनों के भोग की पूरी लिस्ट

Navratri Bhog List 2026: नवरात्र 2026 में मां दुर्गा को कौन से फल चढ़ाने से बचने की मान्यता है? जानें नौ दिनों के भोग की सूची, पूजा के जरूरी नियम और प्रसाद से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।

Navratri Bhog List 2026: शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना का विशेष महत्व है। इन नौ दिनों में भक्त माता रानी को प्रसन्न करने के लिए पूजा-पाठ करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार फल, मिठाई और दूसरी सात्विक चीजों का भोग लगाते हैं। मान्यता है कि पूजा में स्वच्छता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में भोग को लेकर परंपराएं भी अलग हो सकती हैं। ऐसे में नवरात्र के दौरान भोग तैयार करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

धार्मिक परंपराओं में कुछ फलों को माता रानी के भोग के लिए कम उपयुक्त माना जाता है। वहीं, नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों को विशेष प्रसाद अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है। आइए जानते हैं कि नवरात्र में किन फलों को चढ़ाने से बचने की मान्यता है और नौ दिनों में किस देवी को क्या भोग लगाया जाता है।

नवरात्र में मां दुर्गा को कौन से 5 फल चढ़ाने से बचने की मान्यता है?

नवरात्र में भोग के लिए फल चुनते समय अपने परिवार की धार्मिक परंपरा और पूजा-पद्धति का ध्यान रखना चाहिए। कुछ प्रचलित मान्यताओं में इन पांच चीजों को माता रानी को अर्पित करने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इन्हें लेकर सभी क्षेत्रों में एक जैसी मान्यता नहीं है।

1. नींबू: कुछ धार्मिक परंपराओं में नींबू को देवी के सामान्य भोग में शामिल नहीं किया जाता। इसलिए पूजा के लिए फल चुनते समय स्थानीय परंपरा का ध्यान रखें।

2. इमली: इमली का स्वाद खट्टा होता है। कुछ परिवारों में पूजा के भोग के लिए खट्टी चीजों से परहेज किया जाता है। हालांकि, इसे लेकर कोई एक समान नियम सभी जगह लागू नहीं है।

3. सूखा नारियल: नारियल को पूजा में शुभ माना जाता है। कई परंपराओं में जटायुक्त नारियल चढ़ाने का विशेष महत्व है। सूखे नारियल के इस्तेमाल को लेकर परिवारों की पूजा-पद्धति अलग हो सकती है।

4. नाशपाती: कुछ प्रचलित धार्मिक सूचियों में नाशपाती को माता रानी के भोग में शामिल नहीं करने की बात कही जाती है। हालांकि, इसे अशुभ मानने की कोई सर्वमान्य परंपरा नहीं है।

5. अंजीर: कुछ जगहों पर अंजीर को पारंपरिक भोग की सूची में शामिल नहीं किया जाता। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर धार्मिक परंपरा में इसे चढ़ाना वर्जित है।

ध्यान रखें: किसी भी देवी-देवता की पूजा में सड़े, खराब या पहले से खाए हुए फल अर्पित नहीं करने चाहिए। भोग के लिए साफ, ताजे और खाने योग्य फल चुनना बेहतर है।

मां दुर्गा को कौन से फल चढ़ा सकते हैं? (Navratri Bhog List 2026)

नवरात्र में भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार केला, सेब, अनार और दूसरे ताजे फलों का भोग लगा सकते हैं। नारियल भी पूजा में प्रचलित है। कुछ क्षेत्रों में बेल, शरीफा और सिंघाड़े जैसी चीजें भी पूजा या प्रसाद में शामिल की जाती हैं। भोग के लिए किसी महंगे फल की जरूरत नहीं होती। स्वच्छता और श्रद्धा के साथ उपलब्ध सामग्री अर्पित करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

Also Read: Indian Railway News: ट्रेन में आपकी कन्फर्म सीट पर कोई बैठ जाए तो क्या करें? जानें रेलवे का नियम

तमाम खबरों के लिए हमें Facebook पर लाइक करें Google News, Twitter और YouTube पर फॉलो करें।Vidhan News पर विस्तार से पढ़ें ताजा–तरीन खबर।

- Advertisement -

Related articles

Share article

- Advertisement -

Latest articles