CBSE New Rule: अब कॉपियों पर नहीं चलेगा लाल पेन! CBSE 12वीं के छात्रों के लिए बदल गया चेकिंग का पूरा सिस्टम

CBSE New Rule: Central Board of Secondary Education यानी CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। वर्षों से चली आ रही पारंपरिक “लाल पेन” वाली जांच प्रणाली अब धीरे-धीरे इतिहास बनने जा रही है। बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और छात्र-हितैषी बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

क्या है नया बदलाव?

अब कॉपियों की जांच केवल पारंपरिक तरीके से नहीं होगी। CBSE ने डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को अधिक व्यापक रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। इस प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाता है, जहां परीक्षक ऑनलाइन ही मूल्यांकन करते हैं।

इस नई प्रणाली के तहत:

उत्तर पुस्तिकाएं स्कैन होकर एन्क्रिप्टेड सर्वर पर भेजी जाएंगी।
परीक्षक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अंक दर्ज करेंगे।
अंकों की गणना स्वचालित रूप से सिस्टम करेगा।
मानवीय त्रुटियों और टोटलिंग की गलतियों की संभावना कम होगी।

छात्रों को क्या होगा फायदा?

नई चेकिंग प्रणाली से छात्रों को कई लाभ मिलेंगे।
पारदर्शिता बढ़ेगी: डिजिटल रिकॉर्ड होने के कारण अंकन प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और सुरक्षित होगी।

त्रुटियों में कमी: जोड़-घटाव या अंक चढ़ाने में होने वाली मानवीय गलतियां कम होंगी।
तेजी से रिजल्ट: डिजिटल मूल्यांकन से परिणाम जारी करने में कम समय लगेगा।
री-इवैल्यूएशन में आसानी: यदि कोई छात्र पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करता है तो डिजिटल कॉपी की जांच सरल होगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

CBSE हर साल लाखों छात्रों की परीक्षाएं आयोजित करता है। इतनी बड़ी संख्या में कॉपियों की जांच में पारंपरिक तरीकों से देरी और त्रुटियां होना स्वाभाविक है। डिजिटल सिस्टम से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि मूल्यांकन की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। महामारी के दौरान शुरू हुई डिजिटल प्रक्रियाओं ने बोर्ड को यह समझने में मदद की कि तकनीक के जरिए काम को अधिक कुशल बनाया जा सकता है।

क्या लाल पेन पूरी तरह खत्म हो जाएगा?

हालांकि पारंपरिक लाल पेन का उपयोग पूरी तरह से तुरंत बंद नहीं होगा, लेकिन उसकी भूमिका सीमित हो जाएगी। जहां डिजिटल सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, वहां फिलहाल पुरानी पद्धति अपनाई जा सकती है। परंतु आने वाले समय में अधिकांश मूल्यांकन ऑनलाइन ही होने की संभावना है।

छात्रों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर साफ और व्यवस्थित लिखें, क्योंकि स्कैनिंग के दौरान साफ लेखन पढ़ने में आसान होता है।
प्रश्न संख्या स्पष्ट रूप से लिखें।
निर्देशों का पालन करें, क्योंकि डिजिटल मूल्यांकन में हर उत्तर का अलग-अलग आकलन किया जाता है।

शिक्षा व्यवस्था में नई दिशा
CBSE का यह कदम दर्शाता है कि भारत की शिक्षा व्यवस्था तेजी से डिजिटल युग की ओर बढ़ रही है। 12वीं के छात्रों के लिए यह बदलाव न केवल मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक भरोसेमंद बनाएगा, बल्कि भविष्य में अन्य बोर्ड भी इसी मॉडल को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

कुल मिलाकर, “लाल पेन” से डिजिटल स्क्रीन तक का यह सफर शिक्षा जगत में एक नए अध्याय की शुरुआत है—जहां पारदर्शिता, तकनीक और सटीकता को प्राथमिकता दी जा रही है।

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