Navel Oiling Benefits: सर्दियों में त्वचा की देखभाल करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। ठंडी हवा और कम नमी के कारण चेहरा रूखा दिखने लगता है, होंठों पर पपड़ी जमने लगती है और त्वचा की चमक भी कम हो सकती है। इन परेशानियों से बचने के लिए लोग अलग-अलग घरेलू तरीके अपनाते हैं। ऐसा ही एक पारंपरिक तरीका इन दिनों चर्चा में है, जिसमें रात को सोने से पहले नाभि में तेल लगाया जाता है। आयुर्वेदिक न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने सोशल मीडिया पर कुछ तेलों के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी साझा की है। आइए जानते हैं उन्होंने किन समस्याओं के लिए कौन से तेल का जिक्र किया है।
रूखी त्वचा और फटे होंठों के लिए नारियल तेल
ठंड के मौसम में त्वचा की नमी बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में नारियल तेल को मॉइस्चराइजिंग गुणों के लिए जाना जाता है। श्वेता शाह के अनुसार, जिन लोगों की त्वचा अधिक रूखी रहती है या होंठ फटने की समस्या होती है, वे रात में नाभि में नारियल तेल की कुछ बूंदें लगा सकते हैं। हालांकि, होंठों के रूखेपन के लिए नारियल तेल को सीधे होंठों पर लगाना अधिक उपयोगी तरीका है।
चेहरे पर पिंपल्स हैं तो नीम के तेल का नाम क्यों आता है?
मुंहासों की परेशानी से छुटकारा पाने के लिए नीम का इस्तेमाल पारंपरिक घरेलू उपायों में किया जाता रहा है। श्वेता शाह ने भी पिंपल्स की समस्या के संदर्भ में नीम के तेल का जिक्र किया है। उनके बताए तरीके में रात के समय नाभि में नीम का तेल लगाने की बात कही गई है। हालांकि, नाभि में तेल लगाने से चेहरे के पिंपल्स खत्म हो जाते हैं, इस दावे की पुष्टि करने वाले पर्याप्त वैज्ञानिक अध्ययन मौजूद नहीं हैं।
त्वचा को मुलायम रखने के लिए बादाम का तेल
बादाम का तेल त्वचा की देखभाल में इस्तेमाल होने वाले लोकप्रिय तेलों में शामिल है। इसमें मौजूद फैटी एसिड त्वचा को नमी देने में मदद कर सकते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह के अनुसार, त्वचा को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाए रखने के लिए रात में नाभि में बादाम का तेल लगाया जा सकता है। हालांकि, चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए इसे नाभि में लगाने के बजाय त्वचा पर सीधे मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना ज्यादा व्यावहारिक है।
तिल के तेल को हार्मोन से क्यों जोड़ा जाता है?
तिल का तेल भारतीय घरों में मालिश और पारंपरिक देखभाल के लिए लंबे समय से इस्तेमाल होता रहा है। श्वेता शाह ने हार्मोन से जुड़ी परेशानियों के संदर्भ में भी इस तेल का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, रात में नाभि में तिल का तेल लगाया जा सकता है। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि नाभि में तिल का तेल लगाने से हार्मोन संतुलित होने का कोई पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ऐसी परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
नाभि में तेल लगाने से पहले जान लें सही तरीका
इस तरीके को अपनाने से पहले नाभि की साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है। नहाते समय हल्के हाथों से नाभि को साफ करें और बाद में उसे अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद तेल की कुछ बूंदें लगाई जा सकती हैं। मालिश करते समय बहुत ज्यादा दबाव न डालें। नाभि में जरूरत से ज्यादा तेल डालने से भी बचना चाहिए।
तेल लगाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान (Navel Oiling Benefits)
नाभि की त्वचा संवेदनशील हो सकती है। इसलिए किसी भी तेल का इस्तेमाल करने से पहले उसकी थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर प्रतिक्रिया देखना बेहतर है। अगर नाभि के आसपास घाव, संक्रमण या जलन है तो वहां तेल न लगाएं। खुजली, सूजन या लालिमा होने पर इस्तेमाल बंद कर दें।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नाभि में तेल लगाने को किसी बीमारी का इलाज नहीं समझना चाहिए। त्वचा पर तेल लगाने से नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है, लेकिन नाभि के जरिए तेल शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुंचकर पिंपल्स या हार्मोन संबंधी समस्याएं ठीक करता है, इसका वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। त्वचा या हार्मोन से जुड़ी परेशानी लगातार बनी रहती है तो विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।

