Mental Stress: तनाव सिर्फ आपके मूड को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर शरीर पर भी दिखाई दे सकता है। कई बार व्यक्ति को पता ही नहीं चलता कि वह लंबे समय से स्ट्रेस में है। नींद पूरी होने के बावजूद थकान, पेट की गड़बड़ी, बेचैनी या छोटी-छोटी बातें भूलना जैसे बदलाव शरीर की ओर से मिलने वाले संकेत हो सकते हैं।
काम का दबाव, परिवार की जिम्मेदारियां, आर्थिक चिंता, बच्चों की पढ़ाई, करियर और स्वास्थ्य को लेकर लगातार सोचते रहना धीरे-धीरे मानसिक तनाव बढ़ा सकता है। अगर तनाव लंबे समय तक बना रहे, तो शरीर और दिमाग दोनों पर इसका असर पड़ सकता है।
पूरी नींद के बाद भी थकान महसूस होना
अगर आप 7-8 घंटे सोने के बाद भी सुबह उठकर खुद को थका हुआ महसूस करते हैं, तो इसकी एक वजह लगातार बना रहने वाला तनाव भी हो सकता है। लंबे समय तक तनाव रहने पर नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिससे शरीर को पर्याप्त आराम और रिकवरी नहीं मिल पाती।
बार-बार बीमार पड़ना भी हो सकता है संकेत
लगातार तनाव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर असर डाल सकता है। ऐसे में कुछ लोगों को बार-बार संक्रमण होने या किसी चोट के ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लगने जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। हालांकि इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।
पेट के आसपास बढ़ने लगे चर्बी (Mental Stress)
लंबे समय तक तनाव रहने पर शरीर में कोर्टिसोल जैसे हार्मोन के स्तर में बदलाव हो सकता है। इसके साथ अगर नींद पूरी न हो और खान-पान भी असंतुलित हो, तो वजन बढ़ने और खासकर पेट के आसपास चर्बी जमा होने की समस्या हो सकती है।
नाम और छोटी-छोटी बातें भूलने लगना
क्या कभी ऐसा होता है कि आप किसी कमरे में जाते हैं और कुछ सेकंड बाद भूल जाते हैं कि वहां क्यों आए थे? या किसी परिचित का नाम याद करने में परेशानी होती है? लगातार तनाव एकाग्रता और ध्यान लगाने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है, जिसकी वजह से ऐसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं।
अचानक तेज धड़कने लगे दिल
तनाव के दौरान शरीर का ‘फाइट या फ्लाइट’ सिस्टम सक्रिय हो सकता है। इससे कुछ लोगों को दिल की धड़कन तेज महसूस होना, हथेलियों में पसीना आना या मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन अगर धड़कन तेज या अनियमित होने की समस्या बार-बार हो रही है, तो इसे केवल तनाव मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
पेट का बिगड़ता सिस्टम भी दे सकता है संकेत
दिमाग और पाचन तंत्र के बीच लगातार संपर्क रहता है। इसलिए तनाव का असर पेट पर भी दिखाई दे सकता है। पेट फूलना, कब्ज, दस्त या पहले से मौजूद IBS के लक्षण बढ़ना कुछ लोगों में तनाव के दौरान देखा जा सकता है।
बार-बार मीठा खाने का मन होना
तनाव और नींद की कमी भूख और खाने से जुड़े हार्मोन को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में कुछ लोगों को ज्यादा खाने के साथ-साथ मीठी या ज्यादा कैलोरी वाली चीजों की इच्छा भी बढ़ सकती है।
बिस्तर पर जाने के बाद भी दिमाग चलता रहे
दिनभर की भागदौड़ खत्म होने के बाद भी अगर आपका दिमाग लगातार काम, परिवार या दूसरी चिंताओं के बारे में सोचता रहता है, तो यह मानसिक तनाव का संकेत हो सकता है। लगातार तनाव शरीर को आराम की स्थिति में आने में मुश्किल पैदा कर सकता है, जिससे नींद और मानसिक सुकून दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
हर लक्षण को सिर्फ स्ट्रेस मानना सही नहीं
थकान, नींद में बदलाव, पेट की समस्या या दिल की धड़कन तेज होने के पीछे तनाव के अलावा कई दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। अगर कोई लक्षण लगातार बना हुआ है, बढ़ रहा है या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है, तो डॉक्टर से जांच और उचित सलाह लेना जरूरी है।

