
Myanmar Earthquake: एक बार फिर कुदरत कहर टूटा है। म्यांमार, थाईलैंड और उसके बाद चीन में धरती कांपी है। दक्षिण-पूर्व एशिया में शुक्रवार को भूकंप के दो तेज झटक महसूस किए गए। पहले म्यांमार और उसके बाद चीन भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे लोग दहशत में हैं और भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। बीजिंग की भूकंप एजेंसी के मुताबिक चीन के दक्षिण-पश्चिम युन्नान प्रांत में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र ने कहा है कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.9 मापी गई. भूकंप के झटके चीन के युन्नान प्रांत में भी महसूस किए गए।
म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भूकंप (Myanmar Earthquake)
चीन में भूकंप के झटके पहले म्यांमार में भी 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसका असर दक्षिण थाईलैंड तक महसूस किया गया था। राजधानी बैंकॉक में लोग इमारतों के हिलने के कारण सड़कों पर भागने-दौड़ने लगे। यूएसजीएस के मुताबिक भूकंप म्यांमार के सागाइंग शहर से 16 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में आया। भूकंप का केंद्र म्यांमार में धरती के अंदर 10 किलोमीटर की गहराई में था। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में कई इमारतें हिल गईं। इस दौरान एक निर्माणाधीन ऊंची इमारत देखते ही देखते धराशायी हो गई। बैंकॉक में ऊंची-ऊंची छतों वाले पूलों से पानी बहकर सड़कों पर आ गया और कई इमारतों से मलबा गिरने लगा। इसके अलावा शहर के साथ-साथ पड़ोसी म्यांमार में भी लोग दहशत में देखे गए।
बैंकॉक में कई बहुमंजिला इमारत ध्वस्त
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, भूकंप के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल होने लगे। इसमें निर्माणाधीन इमारत ढहती हुई दिखाई दे रही थी। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि दोपहर 1:30 बजे भूकंप आने पर इमारतों में अलार्म बजने लगे और घबराए हुए लोगों को घनी आबादी वाले मध्य बैंकॉक में ऊंची इमारतों और होटलों की सीढ़ियों से नीचे उतर आए।
भूकंप के बाद बैंकॉक में लगा इमरजेंसी
इस बीच खबरें आ रही है कि भूकंप के झटकों की वजह से म्यांमार के मांडलेय में इरावडी नदी पर बना एवा ब्रिज ढह गया है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, बैंकॉक में एक 30-मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिर गई, जिससे कई लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई गई.आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंच चुकी हैं और राहत कार्य जारी है। हालात पर चर्चा और राहत बचाव कार्यों के लिए प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा ने आपातकालीन बैठक बुलाई है।
थाईलैंड के एयरपोर्ट पर लॉकडाउन, उड़ानें रद्द
म्यांमार में चीनी दूतावास ने बताया कि वे स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल वहां से कोई बड़ी दुर्घटना की खबर नहीं है। म्यांमार पहले से ही एक कठिन समय से गुजर रहा है, और इस भूकंप ने वहां की स्थिति को और कठिन बना दिया है। वहीं थाईलैंड के आपदा निवारण विभाग ने कहा कि भूकंप देश के लगभग सभी इलाके में महसूस किया गया। राजधानी नेपीता में भूकंप से धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचा। धार्मिक इमारतों के कुछ हिस्से जमीन पर गिर गए और कुछ घर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने भूकंप के बाद बैंकॉक में इमरजेंसी लगा दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप के बाद की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप बाद की स्थिति पर चिंतित हूं। सभी की सुरक्षा की प्रार्थना कर रहा हूं। भारत हरसंभव सहायता के लिए तैयार है। हमने इस संबंध में प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय से कहा है कि वह म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के संपर्क में रहे। सभी के सुरक्षित होने की कामना की है।
तमाम खबरों के लिए हमें Facebook पर लाइक करें Google News, Twitter और YouTube पर फॉलो करें।Vidhan News पर विस्तार से पढ़ें ताजा–तरीन खबर।