NEET 2026 परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों के मन में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट पाने के लिए कितने अंक सुरक्षित माने जा सकते हैं। रिजल्ट आने से पहले ही संभावित कटऑफ को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और अभ्यर्थी अपने स्कोर का अनुमान लगाकर एडमिशन की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
क्या 550 अंक पर मिल सकती है सरकारी MBBS सीट? (NEET 2026)
यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार 550 अंक कुछ राज्यों में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए बेहतर स्थिति बना सकते हैं, लेकिन सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए यह स्कोर कई बार पर्याप्त नहीं माना जाता। हालांकि अंतिम स्थिति काउंसलिंग और सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
600+ स्कोर वाले छात्रों की स्थिति कैसी रह सकती है?
यदि किसी छात्र के 600 से अधिक अंक आते हैं तो उसके सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की संभावना काफी मजबूत मानी जा सकती है। हालांकि देश के शीर्ष मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए इससे भी अधिक स्कोर की जरूरत पड़ सकती है।
NEET 2026 संभावित कैटेगरी वाइज कटऑफ
पिछले वर्षों के ट्रेंड और विशेषज्ञों के विश्लेषण के आधार पर इस साल की संभावित कटऑफ कुछ इस प्रकार रह सकती है:
- जनरल (UR): 547-567 अंक
- OBC (NCL): 546-566 अंक
- EWS: 543-563 अंक
- SC: 465-485 अंक
- ST: 435-455 अंक
कटऑफ को प्रभावित करने वाले 4 बड़े कारण
हर साल कटऑफ समान नहीं रहती। इसके पीछे कई महत्वपूर्ण कारण होते हैं:
- परीक्षा का कठिनाई स्तर
- परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या
- मेडिकल सीटों की उपलब्धता
- काउंसलिंग के दौरान छात्रों की पसंद
AIQ और स्टेट कोटा में क्यों होता है फर्क?
ऑल इंडिया कोटा (AIQ) में पूरे देश के छात्र प्रतिस्पर्धा करते हैं, इसलिए यहां कटऑफ अधिक रहने की संभावना होती है। वहीं राज्य कोटा में स्थानीय उम्मीदवारों को फायदा मिल सकता है और कई बार कटऑफ अपेक्षाकृत कम देखी जाती है।
रिजल्ट से पहले छात्रों को क्या करना चाहिए?
रिजल्ट आने का इंतजार करने के साथ-साथ छात्रों को संभावित कॉलेजों की सूची तैयार करनी चाहिए। जरूरी दस्तावेजों को पहले से व्यवस्थित रखना और काउंसलिंग प्रक्रिया की जानकारी जुटाना भी फायदेमंद रहेगा।
NEET 2026 की वास्तविक कटऑफ रिजल्ट और काउंसलिंग के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन मौजूदा अनुमान बताते हैं कि 600 से अधिक अंक पाने वाले छात्रों की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत रह सकती है। वहीं 550 से 600 अंक के बीच स्कोर करने वाले अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान सभी विकल्पों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
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