Vastu Tips: भोजन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का बेहद जरूरी हिस्सा है, लेकिन वास्तु शास्त्र में सिर्फ यह नहीं बताया गया है कि क्या खाना चाहिए, बल्कि भोजन कहां और किस दिशा की ओर मुंह करके करना चाहिए, इसे लेकर भी कई मान्यताएं हैं। माना जाता है कि भोजन करने की जगह और तरीका घर के सकारात्मक माहौल से जुड़ा हो सकता है।
आजकल लोग सुविधा के हिसाब से कभी बेड पर तो कभी टीवी देखते हुए सोफे पर खाना खा लेते हैं। हालांकि वास्तु की मान्यताओं में कुछ स्थानों पर बैठकर भोजन करने से बचने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं भोजन से जुड़े ऐसे ही वास्तु नियम।
बेड पर बैठकर खाना क्यों माना जाता है गलत?
वास्तु मान्यताओं में बिस्तर को आराम और नींद से जुड़ा स्थान माना गया है। इसलिए यहां बैठकर खाना खाने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
हालांकि इन दावों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। व्यावहारिक तौर पर भी भोजन के लिए अलग और साफ जगह रखना स्वच्छता के लिहाज से बेहतर माना जाता है।
दरवाजे या चौखट पर बैठकर न करें भोजन (Vastu Tips)
घर के मुख्य दरवाजे या चौखट पर बैठकर खाना भी वास्तु में उचित नहीं माना जाता। मान्यता है कि मुख्य द्वार घर में ऊर्जा के प्रवेश का स्थान होता है, इसलिए वहां बैठकर भोजन करने से बचना चाहिए।
भोजन के लिए घर के अंदर साफ और व्यवस्थित स्थान चुनना ज्यादा बेहतर रहता है।
अंधेरे में खाना खाने से बचें
वास्तु के अनुसार बहुत कम रोशनी वाली जगह पर बैठकर भोजन करना अच्छा नहीं माना जाता। भोजन करते समय पर्याप्त रोशनी होने से खाना साफ दिखाई देता है और खाने की जगह भी स्वच्छ रखी जा सकती है।
इसलिए कोशिश करें कि भोजन हमेशा साफ-सुथरी और पर्याप्त रोशनी वाली जगह पर ही करें।
बाथरूम के पास बैठकर खाना न खाएं
वास्तु मान्यताओं में शौचालय या बाथरूम के बिल्कुल पास भोजन करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसका एक व्यावहारिक कारण भी है—बाथरूम के आसपास स्वच्छता बनाए रखना जरूरी होता है और भोजन को ऐसे स्थानों से दूर रखना बेहतर रहता है।
टूटे या चटके बर्तन इस्तेमाल न करें
वास्तु में टूटे, चटके या खराब बर्तनों में भोजन करने को भी शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे घर के माहौल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
व्यावहारिक रूप से भी टूटे हुए बर्तन इस्तेमाल करने से चोट लगने या उनकी सफाई में परेशानी होने का खतरा रहता है। इसलिए भोजन के लिए साफ और सही स्थिति वाले बर्तनों का इस्तेमाल करना बेहतर है।
भोजन करते समय किस दिशा की ओर होना चाहिए मुंह?
वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार भोजन करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठना शुभ माना जाता है। वहीं दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके भोजन करने से बचने की सलाह दी जाती है।
इन मान्यताओं का धार्मिक और पारंपरिक महत्व है, लेकिन इन्हें वैज्ञानिक स्वास्थ्य नियम नहीं माना जाना चाहिए।
भोजन करने की जगह कैसी होनी चाहिए?
भोजन के लिए ऐसी जगह चुनें जो साफ, शांत और व्यवस्थित हो। खाने के दौरान जल्दबाजी करने के बजाय आराम से भोजन करना और स्वच्छता का ध्यान रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

