Health Tips: कई लोग काम करते समय, पढ़ाई के दौरान या तनाव महसूस होने पर अनजाने में नाखून चबाने लगते हैं। अधिकतर लोग इसे एक सामान्य आदत मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर यह व्यवहार बार-बार दोहराया जाए और चाहकर भी इसे रोका न जा सके, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार नाखून चबाना कई बार मानसिक तनाव, चिंता या भावनात्मक दबाव का संकेत हो सकता है। साथ ही यह आदत शरीर में संक्रमण और दांतों से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा सकती है।
हर बार नाखून चबाना सामान्य नहीं होता
कभी-कभार तनाव या गहरी सोच में नाखून चबा लेना आम बात हो सकती है, लेकिन जब यह आदत रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाए और व्यक्ति बिना वजह भी ऐसा करने लगे, तब इस पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। कई लोगों को इसका एहसास भी नहीं होता कि वे दिन में कितनी बार अपने नाखून चबा रहे हैं। धीरे-धीरे यह आदत इतनी मजबूत हो सकती है कि इसे छोड़ना मुश्किल लगने लगता है।
तनाव और चिंता भी हो सकते हैं इसकी बड़ी वजह
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि कई बार नाखून चबाना तनाव कम करने या बेचैनी से राहत पाने का एक अनजाना तरीका बन जाता है। कुछ मामलों में यह Body-Focused Repetitive Behavior (BFRB) से जुड़ा व्यवहार भी हो सकता है, जिसमें व्यक्ति बार-बार एक ही क्रिया दोहराता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति किसी मानसिक बीमारी से जूझ रहा है, लेकिन यदि यह आदत लगातार बढ़ रही है तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
नाखून चबाने से हो सकते हैं ये नुकसान (Health Tips)
बार-बार नाखून चबाने से हाथों और मुंह के जरिए बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा नाखूनों के आसपास की त्वचा में सूजन, दर्द और घाव हो सकते हैं। लंबे समय तक यह आदत बनी रहने पर दांतों की सतह प्रभावित हो सकती है, मसूड़ों पर दबाव बढ़ सकता है और नाखून कमजोर होकर अपना प्राकृतिक आकार भी खो सकते हैं।
इन आसान तरीकों से छूट सकती है आदत
इस आदत को छोड़ने के लिए सबसे पहले अपने नाखून छोटे और साफ रखें। जब भी नाखून चबाने की इच्छा हो, उस समय स्ट्रेस बॉल, पेन या किसी फिजेट टॉय का इस्तेमाल करें। रोजाना योग, मेडिटेशन और गहरी सांस लेने जैसी गतिविधियां तनाव कम करने में मदद करती हैं। चाहें तो डॉक्टर की सलाह से कड़वे स्वाद वाली नेल पॉलिश का उपयोग भी कर सकते हैं, जिससे बार-बार नाखून मुंह में डालने की आदत कम हो सकती है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि नाखून चबाने के कारण बार-बार खून निकलने लगे, उंगलियों में संक्रमण हो जाए, दर्द बना रहे या यह आदत आपकी पढ़ाई, नौकरी और दैनिक जीवन को प्रभावित करने लगे, तो मनोवैज्ञानिक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा। सही समय पर उपचार और काउंसलिंग से इस आदत पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
नाखून चबाना केवल एक छोटी-सी आदत नहीं, बल्कि कई बार यह मानसिक तनाव और भावनात्मक दबाव का संकेत भी हो सकता है। यदि यह आदत लगातार बनी हुई है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय इसकी वजह समझने की कोशिश करें। समय रहते सही कदम उठाने से न केवल यह आदत छोड़ी जा सकती है, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाया जा सकता है।

