Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में बने मौसम के एक सिस्टम ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश की चिंता बढ़ा दी है। समुद्र में सक्रिय यह सिस्टम अब Deep Depression में तब्दील हो चुका है और इसके असर से दोनों राज्यों के कई इलाकों में बारिश का दौर तेज हो सकता है। प्रशासन ने संभावित स्थिति को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
हालांकि सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में इसे आने वाला चक्रवात बताया जा रहा है, लेकिन फिलहाल इसे चक्रवात मानना सही नहीं होगा। मौसम विभाग की मौजूदा जानकारी के मुताबिक सिस्टम अभी गहरे दबाव के क्षेत्र में है। आगे इसकी दिशा और तीव्रता पर लगातार नजर रखी जा रही है।
23 सितंबर की रात तट से टकराएगा सिस्टम?
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके 23 सितंबर की रात विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा के तट को पार करने की संभावना जताई गई है।
सिस्टम के तट के करीब पहुंचने के साथ ही आसपास के इलाकों में बारिश और हवाओं की गतिविधि बढ़ सकती है। समुद्र में भी स्थिति सामान्य नहीं रहने का अनुमान है, इसलिए मछुआरों और समुद्र से जुड़े काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश का खतरा
मौसम प्रणाली का असर दक्षिणी ओडिशा में ज्यादा देखने को मिल सकता है। राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
कोरापुट, गजपति और गंजाम जैसे जिलों में 23 और 24 सितंबर को मौसम बेहद खराब रहने की संभावना है। इसके अलावा कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी में भी अगले चरण में भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी (Cyclone Arnab)
बारिश के साथ-साथ तटीय इलाकों में तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय तथा आसपास के समुद्री क्षेत्रों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
कुछ समय के दौरान हवा की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में कमजोर ढांचों, पेड़ों और बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।
ओडिशा में पहले से तैयारी, स्कूलों पर भी फैसला
संभावित खराब मौसम को देखते हुए ओडिशा प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में तैयारियां शुरू कर दी हैं। राहत और बचाव से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी रखी गई है।
कुछ प्रभावित जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला भी एहतियात के तौर पर लिया गया है। अधिकारियों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और स्थानीय स्तर पर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
आंध्र प्रदेश में भी प्रशासन अलर्ट
मौसम सिस्टम का असर आंध्र प्रदेश के तटीय हिस्सों में भी पड़ने की संभावना है। विशाखापत्तनम समेत उत्तर तटीय आंध्र के इलाकों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है।
राज्य प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को कंट्रोल रूम सक्रिय रखने और मौसम से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर बनाए रखने को कहा है। तटीय क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।
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